प्रयागराज। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ लाने के विरोध में कर्मचारियों ने मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार किया। भोजनावकाश में एकजुट होकर सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच सभा की। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने इस निर्णय को विकास विरोधी बताया। निर्णय लिया गया कि इसके खिलाफ जनजागरण करेंगे।
सिविल लाइंस स्थित जीवन प्रकाश कार्यालय के बाहर दोपहर में एकत्र एलआईसी कर्मचारियों के साथ सीटू, एक्टू, एटक समेत अन्य श्रमिक संगठनों के नेता, पदाधिकारी समर्थन में जुटे। सभी ने एक सुर में मांग की है कि आईपीओ लाने का निर्णय वापस लिया जाए। चेतावनी दी सरकार नहीं मानी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
नेशनल फेडरेशन के मंडलीय अध्यक्ष मनोज सक्सेना ने सभा में कहा कि यह हमला देश के विकास में योगदान देने वाली एलआईसी पर नहीं बल्कि, 40 करोड़ पालिसी धारकों के साथ धोखा है। ऑल इंडिया इंश्योरेंश एसोसिएशन के महामंत्री संतोष विश्वकर्मा ने पालिसी धारकों के हितों के खिलाफ उठाए गए इस कदम का विरोध कर जनमत तैयार किया जाएगा।
कार्य बहिष्कार के दौरान हुई इस सभा में वक्ताओं ने कहाकि पालिसी धारकों की बचत पर गिद्ध दृष्टि लगाए विदेशी कंपनियों की मदद कर रही सरकार देश विरोधी कार्य कर रही है। आरपी कैथल ने सरकार पर राष्ट्रवाद के नाम पर देश में उथल पुथल कराने का आरोप लगाया। अध्यक्षता एलआईसी क्लास नव एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष जगमोहन सक्सेना ने करते हुए इस निर्णय को एलआईसी और देश की बचत पर हमला बताया। सभा को प्रेम प्रकाश, अविनाश श्रीवास्तव, सुशील सोनकर, शरद सिंह, डॉ. अशोक श्रीवास्तव, रमेश तिवारी, अविनाश मिश्रा, विशाल श्रीवास्तव, दीन बंधु प्रसाद आदि ने भी संबोधित किया।