फलक नाज स्पोर्ट्स टैलेंट एकेडेमी में कोच अजय यादव से प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। वह 2015 से ही लगातार क्रिकेट के मैदान पर डटी हुई हैं। फलक तेज गेंदबाजी के साथ-साथ मध्यक्रम के आक्रामक बल्लेबाज भी हैं। कोच अजय यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में स्कूली खेलों में शानदार प्रदर्शन कर स्कूली राष्ट्रीय खेलों में जगह बनाने वाली फलक ने उसके बाद कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 15 वर्ष की ही उम्र में बीसीसीआई की अंडर-16 यूपी टीम में जगह बनाई। इसके बाद एनसीए कैंप चैलेंजर ट्रॉफी में और फिर भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में शामिल होकर फलक ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
फलक के विश्व कप में चयनित होने के बाद पिता नासिर अहमद बेहद भावुक हो उठे, उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन था कि फलक एक दिन प्रयागराज का नाम जरूर रौशन करेंगी। उन्होंने कहा कि आज मेरे सामने फलक का पूरा बचपन तैर रहा है, वह हर उस क्षण को महसूस कर रहे हैं जोकि फलक ने अपने संघर्षों के दौरान देखा था। वह सर्दी, गर्मी और बरसात के फर्क को कभी नहीं देखती थी। हर दिन वह किसी भी कीमत पर मैदान पर पहुंचने की कोशिश करती थी। उसने दिन-रात का फर्क भी मिटाकर मेहनत किया आज उसी की बदौलत वह भारतीय टीम में पहुंची है। इस समय उनके अंदर कितनी खुशी है इसका अंदाजा उन्हें खुद भी नहीं है।
वहीं मां जीनत नूरी ने कहा कि फलक के साथ परिवार के हर सदस्य का सपना पूरा हुआ है। समाज में कहा जाता है कि लड़कियां क्या कर सकती हैं, फलक ने साबित कर दिखाया है कि अगर लड़कियों को मौका और साथ दिया जाए तो वह कुछ भी कर सकती हैं। मैंने फलक को हमेशा सपोर्ट किया है उसी के नतीजे में आज वह अपने सपने तक पहुंची है। वह बेहद खुश हैं और फलक से बात करते हुए वह भी भावुक हो उठी। वहीं फलक की बहन खदीजा खातून और भाई ताहिर अहमद की खुशियों का भी कोई ठिकाना नहीं है।
विश्पकप से पहले साउथ अफ्रीका से होगी भिड़ंत
बीसीसीआई ने अंडर-19 महिला विश्वकप के लिए जो टीम का चयन किया गया है वह विश्वकप से पहले 27 दिसंबर से चार जनवरी तक साउथ अफ्रीका के साथ द्वीपक्षीय सीरीज में खेलेगी। यह विश्पकप से पहले दक्षिण अफ्रीका के माहौल और वहां के मैदान व दर्शकों को समझने के लिए भी मुफीद साबित होगा।
मेहनत, जिद, जुनून और जज्बे के साथ ही एक दिशा में लगन के साथ खेलना फलक की सफलता का राज है। उनकी सफलता के पीछे स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट एकेडेमी व उनके साथी खिलाड़ियों और पूर्व चीफ कलेक्टर रीता डे और वर्षा राफेल की प्रेरणा भी है। - अजय यादव, कोच
एकेडेमी में मनाई गईं खुशियां
फलक के विश्वकप टीम में चयनित होने पर संगमनगरी में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। परेड मैदान पर स्थित उनके एकेडेमी में सोमवार को कोच अजय यादव, पिता नासिर नासिर अहमद, मां जीनत नूरी, एकेडेमी के संरक्षक उप शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह, ईवीवी क्रिकेट प्रशिक्षक देवेश मिश्रा, राहुल निषाद, उत्पल दादा, अजय कुशवाहा, परवेज आलम, राकेश यादव, केशव मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, मनोज सिंह, सचिन प्रकाश सिंह, अश्वनी यादव, हसबीन अहमद, डॉ. अनूप, डॉ जयप्रकाश शर्मा, उमेश खरे, बृजेश श्रीवास्तव, अरुण पांडे, दुर्गविजय सिंह, दिव्या शर्मा आदि ने खुशियां मनाई और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर फलक के टीम में चयन होने का जश्न मनाया।
एसोसिएशन ने दी बधाई
इलाहाबाद क्रिकेट एसोसिएशन की डायरेक्टर ताहिर हसन, डॉ. जूली ओझा, आरपी भटनागर, यासिर हसन, डॉ. सुरेश द्विवेदी और एसडी कौटिल्य ने फलक के चयन पर खुशियां जताते हुए कहा कि वह अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंची है। फलक ने प्रयागराज का मान बढ़ाया है वह विश्वकप में शानदार प्रदर्शन कर टीम को विश्वकप दिलाए इसी कामना के साथ पूरा एसोसिएशन फलक को बधाई दे रहा है।
पहली बार आयोजित हो रहा महिला वर्ल्ड कप
आईसीसी अंडर-19 महिला विश्वकप का आयोजन पहली बार हो रहा है। यह विश्वकप 14-29 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होगा। आईसीसी लगातार महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। महिला विश्वकप के इस पहले संस्करण में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत को दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात और स्कॉटलैंड के साथ ग्रुप डी में रखा गया है। हर ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें सुपर सिक्स राउंड में आगे बढ़ेगी, जहां टीमों को छह के दो समूहों में रखा जाएगा। इस छह-छह के ग्रुप में से टॉप की दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। फाइनल मुकाबला 29 जनवरी को दक्षिण अफ्रीका के ओवल मैदान पर खेला जाएगा।