सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना लगातार 48वें दिन जारी रहा। इस दौरान दिल्ली की घटना का असर भी दिखा। महिलाओं तथा अन्य लोगों में दिल्ली की घटना को लेकर नाराजगी रही। महिलाओं ने प्रयागराज आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धरना स्थल पर आने का निमंत्रण दिया तथा मन की बात छोड़कर चाय के साथ सीएए पर चर्चा करने की मांग की।
सीएए के विरोध में महिलाआें ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुलूस निकाले और धरने में शामिल हुईं। जुमे की नमाज के बाद पार्क में ज्यादा भीड़ हो गई थी। इस दौरान संबोधन में वक्ताओं ने सीएए, एनआरसी को काला कानून बताया। सारा अहमद, सबीहा, सै.मो.अस्करी, इरशाद उल्ला, अफसर महमूद आदि ने सीएए, एनआरसी वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने की अपील की। केके पांडेय, अविनाश, शैलेश, तूबा आदि ने दिल्ली में दंगा के लिए लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।