इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला सलाहकार बोर्ड (वैब) की ओर से बुधवार को सीनेट हाल में ‘महिला: आजादी और अधिकार’ विषय पर कार्यक्रम के जरिए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। मुख्य वक्ता अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि महिलाओं की ‘हां’ और ‘ना’ का सम्मान होना चाहिए। लड़कियों की ‘ना’ का हमेशा अतिक्रमण किया जाता है। परिवार और समाज के लोगों ने महिला सुरक्षा के नाम पर कैद करके रखा हैं, उसे खत्म करना होगा। महिलाओं के बेखौफ आजादी चाहिए।
वैब की अध्यक्ष प्रो. रंजना कक्कड़ ने कहा कि भारत को आजाद हुए 68 वर्ष हो गए, लेकिन महिलाओं को आजादी आज तक नहीं मिल पाई। ऐसी सामाजिक संरचना को खत्म करने के लिए संगठनों को एक साथ सामने आना चाहिए। आइसा के राष्ट्रीय सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि इविवि परिसर को एकजुट होकर छात्राओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा। प्रो. निशा श्रीवास्तव ने वैब की गतिविधियों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लालसा यादव ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सूर्य नारायण, रामजी राय, डॉ. अनीता गोपेश, अनामिका राय, प्रो. कृष्णा गुप्ता, डॉ. शिखा, डॉ. निधि मिश्रा, नीलम शंकर, प्रो. अली अहमद फात्मी, डॉ. वंदना त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने वैब के कार्यक्रम पर एक विशेष छात्र-संगठन को प्रायोजित करने का आरोप लगाया है। इकाई मंत्री विक्रांत सिंह का कहना है कि वैब के कार्यक्रम में सिर्फ उसका नियंत्रण होना चाहिए था, लेकिन जिस तरह से एक विशेष छात्र संगठन को आगे किया गया है, इससे छात्रों में गलत संदेश गया है। इकाई मंत्री का कहना है कि कार्यक्रम में आरएसएस की आलोचना करना, केंद्र सरकार के अभियान की आलोचना करना गलत है। परिषद की मांग है कि वैब अध्यक्ष को बर्खास्त किया जाए। इलाहाबाद विवि छात्रसंघ के संयुक्त मंत्री नवदिव्य कुमार मंगलम ने वैब के आयोजन को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने विवि प्रशासन को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। संयुक्त मंत्री ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।