प्रत्येक माह 20-25 युवतियों को ले जाया जाता था सेंटर
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह प्रत्येक माह 20-25 युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आईवीएफ सेंटर तक ले जाया जाता था। हर एक ऑपरेशन पर एजेंट कल्पना के खाते में करीब 35,700 रुपये जमा होते थे। इन रुपयों के आने के बाद इसे आपस में बांट लिया जाता था।
अब तक इनको भेजा जा चुका है जेल
गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस शाहगंज निवासी रिंकी हेला, करेली निवासी पलक हेला, थरवई निवासी कल्पना, सिविल लाइंस कूपर रोड निवासी सीमा भारतीया और उसके बेटे हिमांशू भारतीया को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, आईवीएफ सेंटर के दो कर्मचारियों की भूमिका पर पुलिस जांच कर रही है।
यह था मामला
फाफामऊ निवासी महिला ने पुलिस को बताया था कि उसकी 15 वर्षीय किशोरी का आईवीएफ सेंटर ले जाकर अंडाणु निकाला गया है। पुलिस जांच में पता चला कि करेली की पलक के कहने पर किशोरी 10 हजार रुपये लेकर आईवीएफ सेंटर में अंडाणु निकलवाया। आरोप लगाया कि बेटी का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण करने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने छह फरवरी को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार किया गया है। पता चला है कि महिला ने कई साल पहले अंडाणु को डोनेट किया था। इसके बाद से ही युवतियों को इस काम में लाने लगी। आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। - अरुण पाराशर, एसीपी, थरवई, गंगानगर