घर के बाहर खींचकर महिला की पीट-पीटकर हत्या
बारा में आधी रात पहुंचे बदमाशों ने की वारदात, मौके पर मौत
दरवाजा खुलवाकर लाठी-डंडों से किया हमला, पति भी जख्मी
बारा/लोहगरा (प्रयागराज)। बारा थाना क्षेत्र के लोहगरा बाजार में हुई सनसनीखेज वारदात में सुनीता उर्फ सोना देवी (45) की हत्या कर दी गई। आधी रात पहुंचे बदमाशों ने दरवाजा खुलवाया और फिर बाहर खींचकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पत्नी को बचाने आए पति पर भी हमला किया, जिसमें वह घायल हो गया। हत्यारे कौन थे और किस रंजिश में उन्होंने वारदात की, इसका पता नहीं चल सका है। पति ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है।
लोहगरा बाजार में रहने वाला लालमणि कुशवाहा (48) पान की दुकान चलाता है। रोज की तरह बृहस्पतिवार रात भी वह पत्नी सुनीता के साथ कमरे में सोया था। उसके मुताबिक, रात 12 बजे के करीब किसी ने दरवाजा खटखटाया। जिस पर सुनीता दरवाजा खोलने के लिए उठी। जैसे ही उसने दरवाजा खोला, बाहर खड़े दो लोगों ने उसे बाहर खींचकर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ वार में वह संभल नहीं सकी और लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी।
पत्नी की चीख सुनकर लालमणि बाहर आया तो देखा कि जमीन पर पड़ी पत्नी तड़प रही है। बचाने की कोशिश पर बदमाशों ने उस पर भी हमला बोल दिया जिसमें उसे भी गंभीर चोटें आईं। शोरशराबा सुनकर पड़ोस के लोग दौड़े तो हमलावर भाग निकले। सुनीता को अस्पताल ले जाया जाता, इससे पहले ही उसकी सांसें थम गईं। सूचना दी गई तो पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव कब्जे मेें लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर जेपी शाही का कहना है कि पूछताछ में लालमणि ने यही बताया है कि उसने दो हमलावरों को देखा है जो लाठी-डंडों से लैस थे। लेकिन वह उन्हें पहचान नहीं सका। किसी रंजिश के बाबत उसने इंकार किया। फिलहाल उसकी तहरीर के आधार पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
पत्नी की हो चुकी है मौत
सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 साल पहले लालमणि की पत्नी की मौत हो गई थी। जिसके बाद वह गांव की ही सुनीता देवी के साथ रहने लगा था। दरअसल, सुनीता की पहली शादी चित्रकूट जनपद के बड़गढ़ स्थित अरवारी गांव में हुई थी। हालांकि पहले पति से अलग होने के बाद वह लालमणि के साथ रहने लगी। पहले पति से उसके दो बेटे बाबूलाल व सुनील हैं। जो लोहगरा में ही अलग घर बनाकर रहते हैं। उधर पहली पत्नी से लालमणि के भी दो बेटे हैं, जो गैरजनपद रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। हालांकि उनका परिवार लालमणि के साथ ही रहता है। घटना के समय लालमणि की बड़ी बहू उसी घर में पीछे के कमरे मे सोई थी। फिलहाल परिजन किसी से विवाद या दुश्मनी की बात से इंकार कर रहे हैं।