फुटेज से हुई पहचान
एसीपी कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इस दौरान संदिग्ध नजर आने वाले दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपी महिला का पता चला। उससे पूछताछ की गई तो घटना का खुलासा हो गया। पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर उसके पति को पकड़ा गया तो पिस्टल बरामद हो गई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
दरोगा पर आपराधिक विश्वासघात के आरोप में केस
उधर इस मामले में दरोगा जगनारायण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उस पर आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगा है। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर अनुराग शर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार भोर में लिखे गए इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि दरोगा बिना रवानगी कराए सरकारी पिस्टल, मैगजीन व 10 कारतूस लेकर चले गए हैं। मोबाइल पर वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले।
नैनी स्थित आवास जाने पर भी वह नहीं मिले। तहरीर में यह भी लिखा गया है कि जानकारी मिल रही है कि पिस्टल गायब होने के बाद मोबाइल बंद कर हट-बढ़ गए हैं। पिस्टल चोरी गई होती तो उन्हें थाने पर आकर सूचना देनी चाहिए थी। ऐसा लग रहा है कि उन्हाेंने जानबूझकर अपनी सरकारी पिस्टल मय मैगजीन-कारतूस हटा बढ़ा दिए हैं।