मऊआइमा के गमरहटा गांव में शनिवार की सुबह चचेरे भाई और भतीजों ने महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों पक्षों में अर्से से भूूमि विवाद चल रहा था। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हत्या के आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया। भतीजों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। महिला ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
मऊआइमा के गमरहटा गांव निवासिनी रामपति देवी (55) अपने बच्चों के साथ मायके में रहती थीं। पिता रामेश्वर यादव ने अपनी पूरी इकलौती बेटी रामपति देवी के नाम लिख दी थी। रामेश्वर की मौत के बाद चचेरे भाई राज बहादुर यादव से रामपति देवी का विवाद हो गया। सालों से विवाद चल रहा था। शनिवार की सुबह रामपति देवी बेटी काजल उर्फ समीक्षा के साथ खेत में गेहूं की कटाई करने के लिए गई थी। उसी समय चचेरा भाई राज बहादुर यादव अपने पुत्रों में आकाश उर्फ पुष्कर यादव, पवन यादव, बादल उर्फ इंद्रवीर तथा दो अज्ञात लोगों के साथ पहुंचा और रामपति पर धारदार हथियार से हमला कर दिया । जब उसने विरोध किया तो रामपति की गोली मारकर हत्या कर दी। बेटी काजल ने शोर मचाया तो उस पर भी फायर किया गया, लेकिन वह बाल-बाल बच गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो हत्यारे भाग निकले।
सूचना पर पहुंची मऊआइमा पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर एसडीएम फूलपुर, एसपी गंगापार नरेंद्र कुमार सिंह, सीओ सोरांव अमित कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। काजल उर्फ समीक्षा की तहरीर पर मऊआइमा थाने में राजबहादुर और उसके बेटों खिलाफ हत्या, समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। मुख्य आरोपी राज बहादुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अन्य की तलाश की जा रही है। इस मामले में ग्रामीणों में बहुत रोष है। उन्होंने पुलिस से बताया कि एक हफ्ते पहले ही रामपति ने पुलिस को तहरीर देकर जान का खतरा बताया था।
----महिला की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जल्द ही अन्य को भी पकड़ लिया जाएगा। नरेंद्र कुमार सिंह, एसपी-गंगापार,
पति की मौत के बाद बच्चों को लेकर आ गई थी मायके
रामपति पति जीत लाल यादव की मौत के बाद कुसुम, सुमन, काजल उर्फ समीक्षा तथा पुत्र रघुराज के साथ मायके आ गई थी। पिता रामेश्वर ने अपनी सम्पति इकलौती बेटी रामपति के नाम कर दिया। जिसके बाद से ही परिवार के लोग रामपति से खुन्नस रखने लगे।
विवादित भूमि पर एसडीएम ने यथास्थिति का दिया था आदेश
रामपति और राजबहादुर के बीच जिस भूमि को लेकर विवाद हुआ था। उसमें एसडीएम ने रामपति के समर्थन में स्टे कर दिया था। इसके बाद से कातिल उससे और चिढ़ गए थे। मऊआइमा में भी रामपति ने शिकायत की थी। हत्यारों ने पूरी योजना के तहत शुक्रवार की शाम को अपने घर के सामान और जानवरों को गांव से हटा लिया था। महिलाएं भी घर पर नहीं थीं।