इलाहाबाद के नारीबारी इलाके में शुक्रवार तड़के एक झोपडी़ में आग लगने से एक महिला और उसकी साल भर की बेटी की मौत हो गई।
घटना के समय झोपड़ी के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। गांव वाले इसे रंजिशन हत्या मान रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नारीबारी पुलिस चौकी से करीब 10 किलोमीटर दूर छतरगढ़ गांव का भगवानदीन मांझी जीवन यापन के लिए मजदूरी करता है। परिवार में पत्नी और छह बच्चे हैं।
दो बेटे मोतीलाल (18) और बृजलाल (16) बाहर रहकर काम करते हैं। यहां वह तीन बच्चों साल भर की गुड़िया, नंदू (5), कल्लू (3) और पत्नी गूंगी (44) संग रहता था।
भगवानदीन बृहस्पतिवार रात तलैया गांव में बड़ी बेटी ऊषा के ससुराल गया था। पत्नी गूंगी साल भर की गुड़िया संग झोपड़ी में सोई थी जबकि नंदू और कल्लू बाहर थे।
भोर में झोपड़ी में आग लगी देखकर ग्रामीणों ने हल्ला मचाया। गांव वाले आग बुझाने के लिए जुटे तो दरवाजे में बाहर से ताला लगा था। ताला तोड़कर ग्रामीण अंदर घुसे तो मां-बेटी जले पड़े थे। दोनों की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पति भगवानदीन के अलावा नारीबारी चौकी प्रभारी कड़ेदीन यादव और फिर शंकरगढ़ थानाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे।
यह पता चला है कि दो माह पहले एक नलकूप से इंजन चोरी के मामले में भगवानदीन पर शक जताया गया था। पुलिस ने उसे पकड़ा तो शिकायत करने वाले परिवार से उसकी दुश्मनी हो गई थी। इस पहलू पर भी जांच किया जा रहा है।