कोटक महिंद्रा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में 9.46 करोड़ के गबन मामले में वांछित चल रही मानसी पांडेय शुक्रवार को गिरफ्तार कर ली गई। पुलिस का दावा है कि उसने गबन की रकम में से करीब पौने दो करोड़ रुपये ठिकाने लगाए। इनसे फ्लैट व आभूषण समेत अन्य खरदारी की। पुलिस ने बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है।
पिछले साल पांच अप्रैल को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया गया था कि बैंक में कार्यरत अंशुमान दुबे ने 9.46 करोड़ रुपये का गबन किया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के दौरान पिंकू तिवारी, मातंबर पांडेय, कमलराज सचदेवा, प्रवीण कुमार दुबे, अजय शर्मा का नाम आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जिनके कब्जे से करीब एक करोड़ नगद और 1.250 किग्रा के आभूषण बरामद किए गए थे। पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों से यह भी पता चला था कि गबन की रकम की हिस्सेदार मुख्य आरोपी अंशुमान की पत्नी मानसी पांडेय भी है। जिस पर उसकी तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकेनाम से पंजाब नेशनल, एचडीएफसी, कोटक महिंद्र व एसबीआई में कुल चार खाते हैं। कोटक महिंद्रा बैंक केखाते में 1.27 करोड़ रुपये जमा और 1.25 करोड़ रुपये की निकासी की बात सामने आई।
इसी तरह एचडीएफसी बैंक के खाते में छह जून 2019 से सात जनवरी 2020 तक 46 लाख जमा व इतने ही रुपयों की निकासी की बात सामने आई। उसने पूछताछ में बताया है कि पति की ओर से गबन किए जाने की उसे पूर्ण जानकारी थी। साथ ही उसने गबन की रकम से फ्लैट, जमीन व आभूषण खरीदने की बात स्वीकारी है। आरोपी मूल रूप से बस्ती के कोतवाली क्षेत्र स्थित रंजीत कॉलोनी की रहने वाली है जो वर्तमान में गोरखपुर के देवरिया बाईपास तारामंडल रोड रामगढ़ ताल स्थित कादंबरी हाईट्स अपार्टमेंट में रहती थी।