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जलस्तर के साथ बढ़ा संगम नोज का दायरा

Sun, 24 Jan 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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इलाहाबाद। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर इस बार स्नानार्थियों को घाटों पर धक्का-मुक्की नहीं झेलनी होगी। स्नान के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि बीस साल में पहली बार संगम नोज पर सबसे ज्यादा जगह मिली है। संगम नोज के साथ आसपास भी घाटों का दायरा बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही जलस्तर भी बढ़ा है और इससे गंगा में प्रदूषण बिल्कुल नहीं रह गया है। 
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माघ मेला क्षेत्र में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान डीएम संजय कुमार ने बताया कि पिछले बीस वर्षों में संगम नोज के आसपास सबसे ज्यादा जगह मिली है। ऐसे में संगम के आसपास घाट की लंबाई काफी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अन्य घाटों पर भी दस मीटर तक लंबाई बढ़ाई गई है। डीएम का कहना है कि ढाई दिन पहले छोड़ गया जल इलाहाबाद पहुंच गया है, सो शनिवार को गंगा का जलस्तर बढ़ा है और ऐसे में स्नानार्थियों को पौष पूर्णिमा पर पर्याप्त जल मिलेगा। 
हालांकि जलस्तर बढ़ने के कारण कुछ घाट अस्त-व्यस्त हुए हैं, जिनकी मरम्मत शुरू करा दी गई है। उन्होंने बताया कि पौष पूर्णिमा पर प्रशासन 50 लाख स्नानार्थियों के मेला क्षेत्र पहुंचने का अनुमान लगा रहा है और तैयारियां भी इसी हिसाब से की गई हैं। डीएम के मुताबिक मकर संक्रांति के पहले स्नान पर्व पर कुछ लोगों ने चेंजिंग रूम का उपयोग टॉयलेट के रूप में कर लिया था, जिससे काफी गंदगी हो गई। 
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चेजिंग रूम की साफ-सफाई करा दी गई है। साथ ही इसकी संख्या भी बढ़ाई गई है। संगम घाट पर 26 एवं अन्य घाटों पर दो से तीन चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। चेंजिंग रूम की फर्श पर पुआल भी बिछाई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को ठंड न लगे। इसके अलावा पिछले साल के मुकाबले इस बार कैमरों की संख्या 50 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनी रहे, सो सफाई कर्मियों की 60 टीमें लगाई गई हैं। 
इसके अलावा 20-20 सीट वाले दो बायो टॉयलेट भी मंगा लिए गए हैं, जिन्हें संगम नोज के आसपास रखवाया गया है। साथ ही सात बायो यूरिनल लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और जल पुलिस की अेरर से एक-एक नाव लगाकर कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो गंगा में बहकर आने वाली पूजन सामग्री एवं फूल-माला को एकत्रित कर उसका निस्तारण करेंगे ताकि गंगा जल की स्वच्छता बनी रहे।
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