इलाहाबाद संग्रहालय और लैब एकेडेमिया की ओर से शनिवार को डॉ.हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में ‘स्मरण साहित्य सभा’ के तहत उनकी स्मृतियां सहेजी गईं। बतौर मुख्य अतिथि ट्रिपल आईटी निदेशक प्रो.सोमनाथ विश्वास ने कहा, इलाहाबाद साहित्यकारों का शहर है। ट्रिपल आईटी की पहल पर कार्यक्रम से साहित्य और तकनीक के पारस्परिक रिश्ते को मजबूूती मिलेगी।
प्रो.अली अहमद फातमी ने कहा, बच्चनजी रूमानियत के कवि थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की उस परंपरा के पोषक थे, जिसमें अंग्रेजी का प्रोफेसर भी हिंदी-उर्दू दोनों में अपनी रचनाओं के माध्यम से दखल रखता था। डॉ.फाजिल हाशमी ने बच्चन और इलाहाबाद के रिश्ते को बहुत शिद्दत के साथ याद किया। आकाशवाणी आगरा के सहायक निदेशक अशरफ अली बेग ने बच्चन जी के व्यक्तित्व की खूबियां बताईं। डॉ.अनुपम आनंद ने कविता में उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियां व अनुभूतियां बताईं। प्रो.मुश्ताक अली ने उनकी आत्मकथा के प्रसंग से उनके जीवन की विसंगतियों को रेखांकित किया। प्रो.नीलम सरन गौड़ ने विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से जुड़े संस्मरणों को याद किया।
इसी क्रम में हुई काव्य प्रतियोगिता में ओम प्रकाश, कुलदीप कुमार, सृजा खान ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। अतिथियों का स्वागत सहायक संग्रहपाल डॉ.सुनील गुप्ता, संचालन आरती-उत्कर्ष और संयोजन फरहा नाज, दानिश फैजान, डॉ.संजू मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में डॉ.हरिमोहन मालवीय, डॉ.विजयश्री तिवारी, डॉ.माधवेंद्र मिश्र आदि मौजूद थे।