एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट ने जार्जटाउन इलाके में शनिवार दोपहर 50 हजार रुपये के जाली नोटों के साथ एक तस्कर चंद्रभूषण शुक्ला को गिरफ्तार किया है। वह पश्चिम बंगाल से जाली नोटों की खेप लाकर इलाहाबाद समेत कई जिलों में सप्लाई करता था। एसटीएफ को तस्कर से पूछताछ में जाली नोटों के कई धंधेबाजों का पता चला है। उसके नेटवर्क में शामिल इन लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह को शनिवार सुबह खबर मिली कि एक व्यक्ति जाली नोटों की खेप लेकर जार्जटाउन की तरफ आने वाला है। उन्होंने उपनिरीक्षक अतुल सिंह, श्रीनिवास यादव, सिपाही विजय, प्रभंजन, कमांडों रवि के साथ घेराबंदी कर करीब सवा दो बजे तस्कर को दबोच लिया। उसके पास बैग में पांच सौ के 100 जाली नोट यानी 50 हजार रुपये बरामद किए। एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि पकड़ा गया चंद्रभूषण शुक्ला मिर्जापुर में पड़री इलाके के भिलगो मोहनपुर का रहने वाला है। वह पहले असलहों की तस्करी करता था। उसका भाई चंद्रशेखर दो साल पहलेे मिर्जापुर जेल में बंद था। वह जेल में भाई से मिलने जाता था तभी उसकी मुलाकात रांची जनपद के दानिश से हुई जो जेल में बंद अपने पिता निजाम से मिलने आता था। निजाम और उसका पुत्र दानिश लंबे समय से जाली नोटों की तस्करी करता रहा है।
चंद्रभूषण भी दानिश के साथ नकली नोटों के धंधे में लग गया। उसने रांची जाकर दो बार दानिश से 54 हजार असली नोटों के बदले एक-एक लाख रुपये के जाली नोट लाकर यहां इलाहाबाद, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी में खपाया। फिर वह दानिश के जरिए पश्चिम बंगाल के माल्दा में अंसारूल से मिला जो नकली नोटों का सौदागर है। वह दानिश की बजाय सीधे अंसारूल से 50 हजार रुपये के असली नोटों के बदले एक लाख के जाली नोट लाने लगा। वह एक लाख के जाली नोट यहा 65 हजार रुपये में दूसरे लोगों को देता था। इस तरह से वह करीब 75 लाख के जाली नोट यहां तमाम लोगों को दे चुका है जिनमें कई मौजूदा और पूर्व ग्राम प्रधान भी हैं। इस बार वह डेढ़ लाख के जाली नोट लाया जिसमें एक लाख उसने राधेश्याम जायसवाल को पहुंचाने के लिए अपने पुत्र अनुपम को दिया। उसे इसी धंधे में गिरफ्तार कर पहले भी जेल भेजा जा चुका है।