परंपरागत खेती से इतर मेजा के किसान जिज्ञासु मिश्रा ने व्यावसायिक खेती की ओर रुख किया है। वह पॉली हाउस बनाकर विंटर डॉन किस्म की स्ट्रॉबेरी उगा रहे हैं। किसान ने बताया कि स्ट्रॉबेरी ने उनकी तकदीर बदल दी।
परंपरागत खेती से इतर मेजा के किसान जिज्ञासु मिश्रा ने व्यावसायिक खेती की ओर रुख किया है। वह पॉली हाउस बनाकर विंटर डॉन किस्म की स्ट्रॉबेरी उगा रहे हैं। किसान ने बताया कि स्ट्रॉबेरी ने उनकी तकदीर बदल दी। वह व्यावसायिक खेती कर हर साल लाखों रुपये कमा रहे हैं।
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जिज्ञासु मिश्रा के अनुसार, उन्होंने उद्यान विभाग की मदद से चार पॉली हाउस और एक नेट हाउस बनाया है। उन्होंने मल्चिंग तकनीकी से एक एकड़ में विंटर डॉन किस्म स्ट्रॉबेरी की बागवानी की। उन्होंने चार से पांच लाख रुपये लगाए। बताया कि वह स्ट्रॉबेरी से करीब 15 लाख का उत्पादन कर रहे हैं।
विंटर डॉन स्ट्रॉबेरी के बारे में बताया कि इसका उत्पादन अन्य प्रजातियों से अधिक है। इसका फल अधिक चमकीला और ज्यादा समय तक चलने वाला होता है। स्ट्रॉबेरी की थोक में कीमत 400 रुपये प्रति किलो है। इसकी सप्लाई वाराणसी और लखनऊ में अधिक है।
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जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव का कहना है कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन को प्रोत्साहित कर पॉली हाउस और नेट हाउस में बागवानी और खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत 50 फीसदी की सब्सिडी से चार पॉली हाउस बनाए हैं। जिसमें वह स्ट्रॉबेरी की बागवानी हो रही है।