नई शराब नीति के तहत ई-लाटरी से एक व्यक्ति को दो से अधिक शराब की दुकानों का आवंटन नहीं हो सकता है। इस कारण शराब के कारोबार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। माना जा रहा है कि शराब कारोबारियों ने घर की महिलाओं के नाम से ई-लाटरी में हिस्सा लिया। ऐसे में पिछले वर्ष जहां 10 प्रतिशत महिलाओं को भी दुकानों का आवंटन नहीं हो सका था, वो इस वर्ष बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
जिले में देशी, विदेशी और बियर की 1040 दुकानों में 1031 का ई-लाॅटरी के द्वारा आवंटन हो चुका हैं। इसमें देशी की 518 दुकानों में 509 का आवंटन हो चुका है, जबकि शेष नाै दुकानों का आवंटन अगले चरण में किया जाना है। वहीं विदेशी व बियर की 385 कंपोजिट शॉप, 18 मॉडल शॉप और 119 भांग की दुकानों का दो दिन पूर्व ई-लॉटरी सिस्टम से आवंटन किया गया। खास बात यह है कि इस बार 70 फीसदी दुकानों का आवंटन नए लोगों के नाम से हुआ है। इसमें युवाओं की संख्या अधिक हैं।
आवंटन में जिले में देशी की दुकानों में सबसे अधिक दर पर दारागंज की दुकान उठीं। यहां से करीब पांच करोड़, सात लाख 87 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं कुल 1040 दुकानों के लिए 13 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, जिससे 78 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।विदित हो कि प्रदेश में पहले एक व्यक्ति 150 दुकानें अपने नाम से जिले और प्रदेश के अन्य अलग-अलग जिलों में प्राप्त कर सकता था, लेकिन इस बार नियमों में बदलाव किया गया। इससे एक व्यक्ति प्रदेश में सिर्फ दो दुकानों का ही लाइसेंस प्राप्त कर सकता है।
जिले में शराब की दुकानों का विवरण
देशी शराब - 518
विदेशी एवं बियर कंपोजिट शॉप - 385
भांग की दुकानें - 119
मॉडल शॉप - 18
दो माह में 221 करोड़ की शराब गटक गए लोग
जनवरी और फरवरी माह के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 221 करोड़ रुपये की शराब लोग गटक गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी अधिक है। इससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी हुई है। माहवार आंकड़ें देखें तो जनवरी में 111 करोड़ और फरवरी में 110 करोड़ की शराब की खपत हुई है।
जिले की देशी, विदेशी और बियर की 1040 दुकानों में 1031 का ई-लाॅटरी द्वारा आवंटन हो चुका हैं। शेष बची नौ दुकानों का आवंटन अगले चरण में होगा। 13 हजार से अधिक लोगों ने शराब की दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इस बार के आवंटन में महिलाओं की भागीदारी पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी है। करीब 25 प्रतिशत महिलाओं के नाम दुकानों का आवंटन हुआ है, जो पिछले वर्ष 10 प्रतिशत से भी कम था। - सुशील कुमार मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी, प्रयागराज