तापमान में वृद्धि और हवाओं का न चलना लोगों के लिए दोहरी मुसीबत का कारण बना हुआ है। ऐसे में पंखे व कूलर भी राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। रविवार को मौसम में आर्द्रता कम होने के बावजूद जून की उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था।
तापमान में वृद्धि और हवाओं का न चलना लोगों के लिए दोहरी मुसीबत का कारण बना हुआ है। ऐसे में पंखे व कूलर भी राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। रविवार को मौसम में आर्द्रता कम होने के बावजूद जून की उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था। मौसम विभाग के अनुसार आम तौर पर इस प्रकार की उमस भरी गर्मी का एहसास मानसून आने के बाद होता है। मई महीने में सूखी गर्मी पड़ती है। जिसकी वजह से लू लगने का खतरा रहता है। इस बार आंधी आने के बाद हवाओं की रफ्तार थम सी गई है। वहीं दूसरी तरफ तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तीन से चाल दिनों तक लोगों को इसी प्रकार की गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं 18 से 22 मई तक तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। इसकी वजह से दिन और रात में भी गर्मी हावी रहेगी। न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
हीट स्ट्रोक का बढ़ेगा खतरा
एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरके तिवारी का कहना है कि बढ़ते तापमान की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाएगा। इसके अलावा अधिक पसीना निकलने से पानी की कमी, कमजोरी, उलझन, पेट में ऐंठन, डायरिया व सांस लेने में समस्या हो सकती है। ऐसे में दोपहर 12 से चार बजे तक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।