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पति को लेकर तीन दिन भटकती रही पत्नी, बेड न मिलने से गई जान

Fri, 04 Jun 2021 12:20 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : एसआरएन में परेशान दिखे तीमारदार। - फोटो : prayagraj
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करेली के जीटीबी नगर में एक परिवार कोरोना संक्रमण से बर्बाद हो गया है। पति को लेकर तीन दिन अस्पतालों में भटकने के बाद भी न बेड मिला न बेहतर इलाज। पैरबी के बाद बेली अस्पताल में जब जगह मिली, तबतक बहुत देर हो चुकी थी और हालत इस कदर बिगड़ गई कि सांसों हमेशा के लिए टूट गई।अब परिवार बेसहारा हो गए हैं।
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जीटीबी नगर बी ब्लाक-624 के निवासी अरशद रसूल की मौत के बाद उनका परिवार अब भटक रहा है। उनकी पत्नी की जिंदगी में अंधेरा छा गया है। वह परवरिश के लिए दर-दर भटक रही हैं। रिश्तेदारों के अलावा परिचितों की सहायता से किसी तरह जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ रही है। कोरोना के कहर में हिना का परिवार इस तरह उजड़ जाएगा, उन्होंने सोचा नहीं था।

सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक कोरोना की दूसरी लहर ने हरी-भरी बगिया उजाड़कर रख दिया। हिना बताती हैं कि पहले उनकेपति अरशद को बुखार आया। घर पर ही कुछ उन्होंने दवा ली, लेकिन जब सांस लेने में दिक्कत होने लगी तब परिवार के लोग परेशान हो गए। जांच कराने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई। इसके बाद वह अपने देवर नुसरत रसूल खान के साथ पति को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भटकने लगीं। नुसरत ने बताया कि जहां जाते थे, वहां पहले ही मरीजों की लाइन लगी रहती थी।
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उनके भाई उनको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में बेड नहीं मिल पा रहा था। फिर, किसी तरह बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। वेंटिलेटर पर रखने के बाद भी आक्सीजन लेबल मेंटेन नहीं हो सका और अंतत: उनकी मौत हो गई। हिना बताती हैं कि इस मुसीबत की घड़ी में अपने भी साथ छोड़ रहे हैं। रिश्तेदार भी मदद करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में आजीविका चलाना मुश्किल हो गया है। मुसीबत की इस घड़ी में उनकी आंखों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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