प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने रची थी हत्या की साजिश
पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर भेज दिया जेल
मुख्य शूटर और प्रेमी आकाश तिवारी तीन अगस्त को ही कोर्ट में कर चुका है सरेंडर
दूसरे शूटर पीयूष शुक्ला की छह जुलाई को घूरपुर के हवाई पट्टी पर हो चुकी है हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी। सीओडी, छिवकी में तैनात सेना के जवान कन्हैयालाल द्विवेदी हत्याकांड का पुलिस ने बड़े ही गोपनीय तरीके से खुलासा कर दिया। पुलिस नेछह अगस्त को सैनिक की पत्नी गीता द्विवेदी को धारा 120 बी का मुजरिम बनाकर घर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। सात अगस्त को इस प्रकरण के मुख्य शूटर राहुल उर्फ आकाश तिवारी का वारंट बनवाकर कोर्ट में पेश किया गया। इस घटना का मुख्य शूटर राहुल उर्फ आकाश निवासी सीओडी चाका तीन अगस्त को गैंगस्टर एक्ट के प्रकरण में कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जबकि दूसरे शूटर पीयूष शुक्ला निवासी घूरपुर की घटना के पांचवें दिन छह जुलाई की रात में घूरपुर के इरादतगंज हवाई पट्टी पर गोली मारकर हत्या की जा चुकी है।
गौरतलब है कि मूलत: बारा थाना क्षेत्र के सीध टिकट गांव निवासी कन्हैयालाल द्विवेदी (40) 508 आर्मी बेस किला में तैनात थे। वर्तमान में वह सीओडी छिवकी में नियुक्त थे। गत दो जुलाई को सुबह ड्यूटी से साइकिल से वह जब अपने घर पहुंचे और अंदर बरामदे में साइकिल खड़ी करने लगे तभी उन पर पीछे से गोली से हमला हो गया था। इलाज के दौरान 19 जुलाई को उनकी मौत हो गई थी। दो जुलाई से पुलिस इस प्रकरण की जांच कर रही थी। घटना के दिन से ही मुख्य संदिग्ध कन्हैयालाल की पत्नी और राहुल उर्फ आकाश तिवारी थे, लेकिन पुलिस इस प्रकरण को तब से लगातार लटकाए रखी। 19 जुलाई को मौत के बाद इसकी विवेचना चौकी इंचार्ज एग्रीकल्चर से हटकर इंस्पेक्टर नैनी के पास आ गई। जिसमें छह अगस्त को चुपचाप खुलासा कर दिया गया। इंस्पेक्टर नैनी वीके सिंह ने बताया कि सैनिक की पत्नी गीता द्विवेदी ने पूरी हत्या की प्लानिंग की थी। उसी के इशारे पर उसके प्रेमी आकाश उर्फ राहुल तिवारी ने अपने साथी पीयूष शुक्ला के साथ मिलकर कन्हैयालाल को गोली मारी थी। वहीं पुलिस के गोपनीय खुलासे पर इलाके में चर्चा हो रही है कि कहीं कोई बड़े तथ्य पर पर्दा तो नहीं डाला जा रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है तुलसीदास की जिंदगी
नैनी (ब्यूरो)। क्षेत्र के राम प्रसाद एकेडमी इंटर कॉलेज में सगुण भक्ति काव्यधारा के रामभक्ति शाखा के महान कवि संत शिरोमणि बाबा गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई। संगोष्ठी का प्रारंभ गोस्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। वक्ता सूरज मिश्रा ने तुलसीदास के साथ-साथ रामचरित मानस पर विचार दिए और कहा कि संसार में ऐसा क्या है जो मानस में नहीं है। मानस मर्मज्ञ आचार्य पं. राकेश पांडेय ने रामचरित मानस को दुनिया का श्रेष्ठतम काव्य बताया। दीपक पांडेय ने विस्तार से वर्णन किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रबंधक अनिल पांडेय ने गोस्वामी तुलसीदास के जन्म से संघर्ष एवं उनकी चुनौतियों भरी जिंदगी को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य सुषमा सिंह ने और संचालन बृजेश मिश्रा ने किया।
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संदिग्ध परिस्थिति में इंजीनियर की मौत
नैनी (ब्यूरो)। क्षेत्र के एक इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थिति में तबियत खराब हो गई। उसके सहयोगी कर्मचारियों ने उसे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान मंगलवार की को मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। गुजरात प्रांत के अहमदाबाद जनपद के बटवां थानांतर्गत कृष्णा पार्क नियर आराधना सोसाइटी निवासी नहेते युवराज (49) पुत्र विश्वनाथ फेरो बिल्टहर्ड इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में इंजीनियर के पद पर तैनात था। बताया जाता है कि रविवार को नैनी कोतवाली जेल रोड स्थित बायोमेडिकल वेस्ट की मशीन को बनाने आया था। जहां उसकी संदिग्ध परिस्थिति में सोमवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। कर्मचारियों ने उन्हें तत्कल स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां मंगलवार को उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे मृतक के बहनोई प्रशांत राना ने बताया कि उनके दो पुत्री हैं। उनकी पत्नी रूपाली है। परिवार में कोहराम मच गया है।
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तालाब में उतराती मिली रेलवे कर्मी के बहन की लाश
बीते दस वर्ष से मानसिक विक्षिप्त चल रही अंजली की हो रही थी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी । क्षेत्र में स्थित छिवकी ददरी तालाब में बुधवार की शाम एक युवती का शव उतराता हुआ पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराई तो पता चला कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त चल रही थी। रेलवे कर्मचारी की बहन को घरवाले कमरे में बंद करके रखते थे।
नैनी कोतवाली क्षेत्र के छिवकी रेलवे कालोनी निवासी अंजली गौड़ (24) पुत्री बेनी प्रसाद गौड़ मूलत: ककरा कोटवा, सराय इनायत के रहने वाली थी। मंगलवार की आधी रात वह घर से निकली गई थी। घरवालों को जब पता चला तो उसकी खोजबीन शुरू हो गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार की शाम घर के समीप स्थित तालाब में आस पास के लोगों ने उसका शव पानी में उतराता हुआ देखा तो उसके परिजनों को खबर दी। खबर मिलते ही उसके परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और विधिक कार्रवाई करते हुए चीरघर भेज दिया। पुलिस को मृतका के परिजनों ने बताया कि विगत दस वर्ष से अंजली की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उसे घर में बंद करके रखा जाता था। मंगलवार की देर रात वह मौका पाकर घर से बाहर निकल गई थी। उसकी मां रानी गौड़ ने बताया कि वर्ष 2014 में पिता का निधन हो गया था। उनके स्थान पर बड़ा भाई विष्णु गौड़ रेलवे में नौकरी पा गया है। छोटा भाई सूरज प्राईवेट अस्पताल में नौकरी करता है। सबसे बड़ी बहन राखी गौड़ की शादी हो चुकी है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।