गंगा में डूब रहे युवक को बचाने के बाद जुटी भीड़।
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बाढ़ के कहर के बीच उफनाई गंगा व ससुरखदेरी नदी में नहाने उतरे पांच किशाेरों समेत छह लोग मंगलवार को गहरे पानी में डूब गए। थरवई में डूबे चार किशोरों में से एक को बचा लिया गया जबकि तीन की मौत हो गई। उधर एयरपोर्ट क्षेत्र में डूबे युवक व किशोर की सांसें थम गईं। पहला हादसा थरवई के भीमकुंडा मंदिर के पास हुआ। यहां बहमलपुर गांव का उत्कर्ष पाल (15) पुत्र रवि पाल, शिवम पाल (14), अमन पाल (11) पुत्र भलेन्दु पाल, पूरनतारा गांव का अभिषेक (14) पुत्र शशि और शशांक (15) पुत्र मनोज कुमार पाल सुबह 10 बजे के करीब गंगा नदी में स्नान करने पहुंचे।
तभी उत्कर्ष, शिवम, अभिषेक व शशांक डूबने लगे। कुछ दूर पर स्नान कर रहे अमन ने देखा तो शोर मचाया। इस पर स्थानीय लोग पहुंचे और उसे व शिवम को बाहर निकाल लिया। तब तक अन्य तीनों डूब गए। सूचना पर परिजन व पुलिस के साथ एनडीआरएफ पहुंच गई। करीब दो घंटे बाद अभिषेक, शशांक व उत्कर्ष को बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां शशांक को मृत घोषित कर दिया गया जबकि अभिषेक व उत्कर्ष रेफर कर दिए गए। एसआरएन पहुंचने पर उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया। एसीपी थरवई चंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। ऐसे में शशांक का शव उन्हें सौंप दिया गया। उत्कर्ष व अभिषेक के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
किशोर को बचाने बढ़ा युवक, दोनों डूबे
दूसरा हादसा एयरपोर्ट क्षेत्र के चिल्ला व गांजा गांव के बीच शाम करीब चार बजे हुआ। यहां सूरज (18) निवासी पंतरवा बेगमबाजार और गुलशन (12) पुत्र बच्चालाल निवासी गांजा केपी कॉलेज के आगे ससुरखदेरी नदी में नहाने उतरे थे। अचानक गहराई में जाकर गुलशन डूबने लगा और उसे बचाने के लिए बढ़ा सूरज भी संभल नहीं सका। उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे लेकिन तब तक दोनों नदी में समा चुके थे। पुलिस एनडीआरएफ की मदद से खोजबीन में लगी रही और देर शाम करीब 7:30 बजे के करीब उन्हें बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एयरपोर्ट थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।