गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का काम कई मोहल्लों में रहने वालों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। बुधवार रात बारिश के बाद जिन मोहल्लों में सीवर लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई वहां मिट्टी धंसने से खतरनाक गड्ढे हो गए। जगह-जगह मिट्टी और कीचड़ फैलने से स्थिति बिगड़ गई है। जहां पाइप डालने के बाद सड़क बनाई गई, उनमें से अधिकतर इलाकों में सड़कें जलजमाव से धंस गईं। सीवर कनेक्शन देने के लिए खोदे गए गड्ढे हादसों का कारण बने।शहर में लीडर रोड, खुल्दाबाद, लूकरगंज, बेनीगंज, राजरूपपुर में स्थिति विकराल बनी रही। नवाब यूसुफ रोड पर एक तरफ खोदाई से स्थिति खतरनाक हो गई कालिंदीपुरम, राजरूपपुर पुलिस बूथ से कालिंदीपुरम को जाने वाली सड़क सिल्ट पड़ी होने से खराब है। साठ फीट रोड पर बड़े-बड़े गड्ढों के बीच भारी वाहनों का आवागमन किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
करेली में करामत की चौकी, ब्लाक सी, मीरापुर, हर्षवर्धन नगर, शिवकुटी, बेनीगंज, प्रीतम नगर, मुंडेरा, आदि सड़कों पर गड्ढे परेशानी का कारण बने हैं। अल्लापुर में बाघंबरी हाउसिंग स्कीम, मटियारा रोड पर इन दिनों सीवर लाइन के लिए गहरी खोदाई की जा रही है। बारिश के बाद वहां गड्ढों ेमें भरा पानी बड़ा खतरा बना है। हालांकि रास्ता बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया लेकिन यहां दुर्घटना की संभावना हर समय बनी है। शहर के जिन इलाकों में जहां सीवर का काम चल रहा है, वहां भी दिक्कत बढ़ गई है। कहीं मिट्टी के ढेर तो कहीं गड्ढा पटाई के बाद ऊबड़ खाबड़ सड़कें दुर्घटना का कारण बन रही हैं। बारिश में कीचड़ और फिसलन से लोग मुसीबत में हैं। लोगों का वाहन से या पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। अल्लापुर, बैरहना समेत उन मोहल्लों का हाल तो और खराब है, जहां पाइप डालने के बाद खोदी गई सड़कों पर गिट्टी और मिट्टी डाल दी गई है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक पीके अग्रवाल का कहना है कि जहां गड्ढे हुए हैं या सड़क धंसी है, वहां रात में ही टीम लगाकर प्राथमिकता के आधार काम कराया जा रहा है। नगर निगम के साथ इकाई के अफसर और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि रात भर प्रभावित इलाकों में ही भ्रमण कर काम कराएंगे।
शहर में सड़क चौड़ीकरण के काम को खोदी गई सड़कें बुधवार को बारिश के बाद राहगीरों और वाहन सवारों के लिए खतरनाक हो गईं। रामबाग, लीडर रोड, विवेकानंद मार्ग, स्टेनली रोड, लीडर रोड, स्टेनली रोड समेत कई सड़कों की पटरियां खोदने से गड्ढे में भरा पानी हादसे का कारण बना। फायर ब्रिगेड और बालसन चौराहे पर भी खोदाई का काम रात में मुसीबत बना रहा। शहर की आंतरिक सड़कों और गलियों का हाल भी खराब रहा।