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Prayagraj News: स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा तो नियंत्रण में आए उपद्रवी

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करछना के भड़ेवरा बाजार में बवाल कर रहे उपद्रवी तब नियंत्रण में आए जब यहां के स्थानीय ग्रामीण व बाजार के लोगों ने उनका विरोध करते हुए खुद मोर्चा संभाल लिया। इनके मोर्चा संभालतेेे ही दूर खड़ी पुलिस भी सक्रिय हो गई। उपद्रवियों पर बल प्रयोग करते हुए उन्हें भगाया। इसके बाद ढाई घंटे से चल रहा बवाल बीस मिनट में शांत हो गया। हालांकि, स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है।
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बता दें कि रविवार को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद के करछना के इसौटा गांव में आने की जानकारी पर सुबह से बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक हनुमानपुर मोरी पर इकट्ठा हो रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि चंद्रशेखर आजाद को सर्किट हाउस में रोके जाने पर समर्थक उग्र हो जाएंगे। दोपहर को जैसे ही उन्हें अपने नेता के रोके जाने की सूचना मिली तो वह चक्काजाम कर दिए। उस समय मौके पर भुंडा चौकी प्रभारी सिपाहियों के साथ स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया।
इसके बाद भीड़ राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों पर हमलावर हो गई। दुकानों पर पत्थरबाजी की गई। करछना-कोहड़ार मार्ग पर हनुमानपुर मोरी से लेकर भड़ेवरा बाजार लगभग 250 मीटर तक उपद्रवी ढाई घंटे तक अपनी मनमानी करते रहे। बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ अधिकारी पहुंचे। लेकिन सभी दूर से उपद्रवियों को देखते रहे।
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परेशान स्थानीय लोग जब आगे आए तो उपद्रवी पीछे हटने लगे। यह देखकर पुलिस ने भी बल प्रयोग करते हुए उन्हें उपद्रवियों को भगाना शुरू किया। करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। दोपहर ढाई बजे से चल रहा बवाल शाम साढ़े पांच के खत्म हो गया।
दुकानदारों के साथ मारपीट व पत्थरबाजी से स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। बीते 12 अप्रैल को इसौटा गांव में दलित युुवक की हत्या का उसे जलाने के बाद से ही क्षेत्र का माहौल खराब था, रविवार को हुई घटना के बाद मामला फिर से गरमा गया है। संवाद
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