मेजा के अमिलिया कला में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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अमिलिया कला में राम जानकी मंदिर परिसर में हो रही रामलीला के चौथे दिन लंका दहन का मंचन किया गया। माता जानकी की खोजबीन के बाद हनुमान जी ने सोने की लंका में आग लगाई, जिससे वह धू-धूकर जल उठी। लंका दहन से रावण काफी परेशान हो उठा और लंका को भारी नुकसान हुआ।
हनुमान जी का अभिनय श्याम द्दिवेदी ने किया, जिसकी दर्शकों ने खूब तारीफ की। रावण का अभिनय देवनाथ मिश्र उर्फ बाबा जी ने किया, जो काफी सराहनीय रहा। भरत का अभिनय स्वास्तिक तिवारी ने किया।
कमेटी अध्यक्ष रमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि अमिलिया कला में सन् 1955 से रामलीला का मंचन हो रहा है। सन् 1986 में बनवारी लाल तिवारी की हत्या के कारण एक वर्ष मंचन रुका था। कमेटी के प्रबंधक मिश्रीलाल तिवारी की भूमिका भी सराहनीय रही।