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गेहूं का दाम बढ़ा, दो रुपये प्रति किलो महंगा हुआ आटा

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गेहूं का दाम बढ़ा, दो रुपये प्रति किलो महंगा हुआ आटा
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थोक और फुटकर दोनों में ही मैदा, सूजी, चीनी के दाम में बढ़ोतरी
रिफाइंड, सरसों का तेल, पॉम ऑयल के दाम में भी आई तेजी
प्रयागराज। गेहूं का दाम अचानक बढ़ने से आटा महंगा हो गया है। फुटकर में 23 से 25 रुपये किलो में मिलने वाला आटा 27 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ब्रांडेड कंपनियों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं। थोक कारोबारियों की माने तो आटा के दाम में अभी और तेजी आ सकती है। इस बीच रिफाइंड और सरसों के तेल के दाम में हुई बढ़ोत्तरी ने लोगों को परेशान कर दिया है।
गेहूं की कीमत बढ़ने से कारोबारी भी हैरान है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार प्रदेश में गेहूं की फसल पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि गेहूं उत्पादन करने वाले अन्य राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में फसल जरूर कमजोर रही। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि पड़ोसी राज्यों द्वारा उत्तर प्रदेश से गेहूं की खरीद ज्यादा की जा रही है। इस वजह से यहां दाम में तेजी आई है। 2000 रुपये क्विंटल में मिलने वाला गेहूं का दाम बीते पखवारे में 2200 रुपये क्विंटल हो गया है। गेहूं का दाम बढ़ने की वजह से ही आटा का दाम भी बढ़ा है। मैदा का दाम भी थोक में सौ रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है, जबकि फुटकर में भी इसका दाम बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो हो गया है। यही हाल सूजी का भी है। सूची का रेट 2550 से बढ़कर 2650 प्रति क्विंटल हुआ है। फुटकर में सूजी 32 रुपये किलो हो गई है। फुटकर कारोबारी प्रमिल केसरवानी ने बताया कि अभी गेहूं, आटा, सूजी, मैदा आदि का दाम और भी बढ़ सकता है। इसके भाव में गिरावट अब शायद ही आए। उधर मैदा का दाम बढ़ जाने से बेकरी कारोबारी भी परेशान है।
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मैदा का दाम बढ़ने से लोकल ब्रेड का दाम बढ़ा
स्टेटमैन बेकरी के प्रोपराइटर राशिद सगीर ने बताया कि दाम अगर इसी तरह बढ़ा तो मजबूरी में ब्रेड, बन, केक, बिस्कुट, पैटीज आदि के भी दाम आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं। हालांकि कुछ बेकरी वालों ने लोकल ब्रेड का दाम दो रुपये प्रति पैकेट बढ़ा भी दिया है।
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पखवारे भर में 20 रुपये लीटर बढ़ गया सरसों का तेल
सर्दी के मौसम में तेेल और रिफाइंड की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। पखवारे भर में ही सरसों के तेल की कीमत फुटकर मार्केट में 20 रुपये लीटर बढ़ गई है। 15 दिसंबर तक फुटकर बाजार में सरसों का तेल जहां 90 से 100 रुपये लीटर मिल रहा था, वहीं अब बढ़कर 110- 120 रुपये लीटर हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार सोया की फसल कम हुई है। साथ ही ठंड की वजह से बार हसे आने वाली पॉम ऑयल भी जम चुका है। इससे उसकी आपूर्ति भी कम हुई है। इन्हीं कारणों से सरसों और सोयाबीन का तेल महंगा हुआ है। फुटकर मंडी में सरसों का तेल 20, रिफाइंड दस और पॉम ऑयल की कीमत 20 रुपये लीटर बढ़ी है। कारोबारी सतीश गुप्ता ने बताया कि पॉम ऑयल मलेशिया से आता है। इधर उसकी आपूर्ति कम हुई है। यही वजह है कि फुटकर बाजार में 70 रुपये से सीधा उसका दाम 90 रुपये हो गया है।
फुटकर बाजार में रेट
खाद्य सामग्री 15 दिसंबर का रेट पांच जनवरी का रेट
आटा 25 27
मैदा 28 30
सूजी 28 32
चीनी 38 40
पॉम ऑयल 70 90
सरसों का तेल 100 120
सोयाबीन 95 110
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