गेहूं हो या फिर मैदा, रिफाइंड तेल या अरहर की दाल, बीते दो से तीन सप्ताह में इन सभी आवश्यक खाद्य पदार्थों के थोक दाम में काफी गिरावट आई है। इस अवधि में गेहूं का दाम जहां 500 रुपये क्विंटल कम हुआ है, वहीं अरहर दाल का भी रेट गिरा है। लेकिन, फुटकर बाजार में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में तमाम कारोबारी इन वस्तुओं का दाम कम नहीं कर रहे हैं। वहीं, सीमित व्यापारियों ने ही दाम कम किए हैं।
प्रयागराज के थोक बाजार में गेहूं, मैदा, आटा, चीनी, सूजी, सरसों का तेल, रिफाइंड, वनस्पति घी के दामों में गिरावट आई है। जिले के बाजार में गेहूं 3500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मैदा 3600 से घटकर 3100 रुपये हो गया है। सूजी भी 3700 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 3200 रुपये तक आ गई। थोक दुकानों पर आटे के रेट 28 रुपये किलो से शुरू हो रहे हैं। लेकिन, रिटेल में यह 34 से 40 किलो के बीच बिक रहा है।
पैकेट बंद आटा के भी दाम जस के तस हैं। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी बताते हैं कि खाद्य वस्तुओं के दाम में बीते एक माह में गिरावट हुई है। फुटकर बाजार में भी इसका असर दिखना चाहिए।
मुट्ठीगंज के थोक कारोबारी राजेश केसरवानी ने बताया कि गेहूं के दाम गिरे हैं पर मिलों ने सूजी के दाम नहीं गिरे। प्रयागराज के ही एक जाने-माने ब्रांड का सूजी का एक किलो का पैक 44 से 48 रुपये के बीच बिक रहा है। जबकि थोक में इसका रेट 30-32 रुपये किलो तक है। वहीं, फुटकर कारोबारी प्रमिल केसरवानी ने कहा कि थोक बाजार में दाम गिरने के बाद फुटकर में भी दाम गिरे हैं। जिन लोगों ने दाम नहीं गिराए हैं, हो सकता है कि उन्होंने पुराने रेट पर ही माल खरीदा हो।