नीम के पेड़ पर चीटियों का काटना है याद
प्रयागराज के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बीते दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने आये तो सीनियर ने उन्हें नीम के पेड़ पर चढ़ने को कहा। उन्हें व अन्य साथियों को पेड़ पर चढ़ना नहीं खला, मगर पेड़ पर मौजूद चीटियों का काटना भारी पड़ गया। जिसके बाद वह पेड़ से कूदकर कॉलेज की दीवार फांदते हुए भागे थे।
वापस लौट आया बचपन
लखनऊ से आए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यहां आने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे बचपन लौट आया। लग रहा है कि एक बार फिर यहीं रह जाएं।
शहर बदला पर हॉस्टल नहीं
गोरखपुर से आए बाल रोग विशेष डॉ. आनंद प्रकाश ने कहा कि प्रयागराज शहर तो काफी बदल गया है लेकिन हॉस्टल आज भी नहीं बदला। उन्होंने हॉस्टल को बेहतर बनाने के लिए हर प्रकार का सहयोग देने की बात कही।
कॉलेज को कभी भूल नहीं सकते
कानपुर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत दीक्षित ने कहा कि वह एमएलएन मेडिकल कॉलेज को कभी भूल नहीं सकते। वह कहीं भी रहें मगर उनका दिल हमेशा इसी कॉलेज में रहता है।