ठंड के आक्रामक तेवर के आगे सूर्य देवता की भी नहीं चल पा रही है। सोमवार को शीतलहर तेज होने के कारण ठंड जबरदस्त रही। दिनभर छाए कोहरे के कारण सूरज नहीं दिखा। पहाड़ी इलाकोें से लगातार आ रही पछुवा हवा के चलते सोमवार को अधिकतम पारा 12.3 डिग्री रहा, हालांकि न्यूनतम पारा पांच डिग्री से बढ़कर 6.6 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं कोहरा छंटने की उम्मीद लगाए बैठे शहरियों को निराशा ही हाथ लगी। वातावरण में दिन भर कोहरा बना रहा जिसने गलन बढ़ा दी।
कई दिनों से वातावरण में व्याप्त सौ फीसदी आर्र्दता ने तीखी सर्दी को और घातक बना दिया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वायुमंडल में घना कोहरा एवं आसमान में बादल होने से ठंडी पछुवा हवा धरती की सतह के साथ बह रही हैं, जिससे ज्यादा ठंडी पड़ रही है। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा का मानना है कि मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा है उसे देखते हुए तो यही लगता है कि मकर संक्रांति के बाद ही राहत मिल सकती है। ऐसे में लोगों को अभी दो तीन दिन और खतरनाक ठंड का सामना करना ही होगा।
ठंड के चलते कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। बीमारी का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा है। बेली, काल्विन, एसआरएन में कोल्ड डायरिया से ग्रसित सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अस्पतालों में सौ से अधिक कोल्ड डायरिया, न्यूमोनिया से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। चिल्ड्रेन अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने बताया कि ठंड से बचाव कर ही बीमारियों से बचा जा सकता है। ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों पर दिखाई दे रहा है। न्यूमोनिया से पीड़ित 130 बच्चे इलाज करा रहे हैं, जिसमें से कई बच्चों की स्थिति बेहद गंभीर है।