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प्रमोशन मिलते ही रिटायमेंट, सभी पद खाली

Tue, 13 Jan 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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प्रदेश भर के कलक्ट्रेट कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं। तमाम पद अर्से से खाली पड़े हुए हैं। डीएम और एडीएम सिटी के कार्यालय में कर्मचारियों की कमी के कारण फाइलें महीनों लंबित पड़ी रहती हैं और जनता परेशान होती है। सुधार के नाम पर तीन-चार में एक बार विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर कर्मचारियों को प्रमोट करते हुए खली पद भर दिए जाते हैं, लेकिन प्रमोशन इतनी देर से होता है कि पद पर तैनाती होने के छह माह के भीतर कर्मचारी रिटायर हो जा रहे हैं और पद दोबारा खाली हो जा रहे हैं।
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यूपी के सभी कलक्ट्रेटों में कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारी के 323, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के 54 और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के 75 पद सृजित किए गए थे। हालांकि ये पद नए नहीं थे, बल्कि लिपिकों के पद में कटौती कर इनका सृजन हुआ। प्रशासनिक अधिकारी से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर प्रमोशन के लिए डीपीसी की पहली बैठक वर्ष 1987, दूसरी बैठक्र 2006 तीसरी 2007, चौथी 2010, पांचवीं 2013 और छठवीं बैठक 2014 में हुई। 2013 तक हुई डीपीसी की बैठकों में जितने कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया, वो सभी रिटायर हो चुके हैं।


2014 में 14 प्रशासनिक अधिकारियों को प्रमोशन देकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बनाया गया, जिनमें से तीन कर्मचारी इसी साल जनवरी और बाकी के जुलाई तक रिटायर हो जाएंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के सभी पद खाली हो जाएंगे। नियम है कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर उसी का प्रमोशन होगा, जो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तीन साल तक तैनात रह चुका है। अगर इसी तरह वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद खाली रहे तो मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के भी 75 पद भी कभी नहीं भर पाएंगे।
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