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शहर में लगाए जाने लगे पानी के मीटर

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Water meters installed in the city
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तीस साल बाद पानी के मीटर लगने की कवायद फिर शुरू हो गई है। अब शहरी जितना पानी इस्तेमाल करेंगे, उसकी उन्हें कीमत चुकानी होगी। इन दिनों तमाम मोहल्लों में मीटर लगाने का काम शुरू भी हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वित्तीय वर्ष से मीटर के हिसाब से ही लोगों को पानी का पैसा चुकाना होगा।
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जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) की शर्तों में घरों में पानी के मीटर भी लगवाए जाने थे, हालांकि यह काम कई वर्ष पहले हो जाना था। लेकिन, तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान की राजामंदी न होने से यह काम शुरू नहीं हो सका। पिछले वर्ष योजना को हरी झंडी मिलने के बाद घर-घर मीटर लगने का काम शुरू हुआ। जल निगम को लोकसभा चुनाव के बाद यह काम शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई। कुछ दिनों पहले जल निगम ने अलोपीबाग, एलनगंज से इन मीटरों को लगाने का काम शुरू कर दिया।
जल निगम अधिकारियों के मुताबिक इसके पहले करीब 1989 के दौरान शहर में मीटर से पानी का पैसा लिया जाता था। उसके बाद यह व्यवस्था खत्म कर दी गई और फ्लैट रेट से वाटर टैक्स लिया जाने लगा। उसके बाद अब फिर से शहर के 1.80 लाख घरों में चरणबद्ध तरीके से मीटर लगाए जाने हैं। पहले चरण में कुल 24 वार्ड चुने गए हैं। अभी शहर में ट्यूबवेल एवं यमुना नदी से 380 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। घरों में मीटर न होने से काफी मात्रा में पानी बर्बाद हो जाता है। जलकल के आंकड़ों के मुताबिक 120 एमएलडी पानी रोजाना बर्बाद हो जाता है। अधिकारियों का दावा है कि मीटर लग जाने से पानी की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी। स्थानीय पार्षद कमलेश सिंह का कहना है कि मीटर का स्लैब बनाना होगा, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
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इन मोहल्लों में लग रहे मीटर
प्रयागराज। राजापुर, अशोक नगर, सलोरी, मधवापुर, बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, गंगा नगर, अलोपीबाग, नीमसराय, मेंहदौरी, एलनगंज, कर्नलगंज, मुठ्ठीगंज भाग एक, भारद्वाजपुरम्, सरायगढ़ी, गोविंदपुर, नई बस्ती, न्यू कटरा, मुट्ठीगंज भाग दो, करैलाबाग, गुरुतेग बहादुर नगर, मीरापुर, शाहगंज, अटाला, करैलाबाग भाग दो, करैली।
पानी की दर तय हुए बिना लग रहा मीटर
जल निगम ने घरों में पानी के मीटर लगाना शुरू कर दिए हैं, जबकि पानी की दर अब तक तय नहीं हुई। मीटर का किराया कितना होगा यह भी तय होना बाकी है। मीटर की रीडिंग किस तरह से संग्रहित होगी, इसकी व्यवस्था भी साफ नहीं। जलकल अधिकारियों को भी इस बारे में बहुत कुछ मालूम नहीं है, लेकिन उनका कहना है कि मीटर लगने के बाद बिल की मौजूदा व्यवस्था खत्म होगी। जलकल महाप्रबंधक रतनलाल का कहना है कि अभी मीटर लगवाए जाने का काम हो रहा है। बिलिंग किस तरह से की जाएगी, इसके बारे में अभी निर्देश नहीं मिले हैं।
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