प्रयागराज। जलकल विभाग के करेलाबाग वाटर वर्कस के सभी टैंक खाली हो गए हैं। लाखों शहरियों को तीन पहर से पानी नहीं मिला है। दर्जनों मोहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। करेलाबाग में 36 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। पंपिंग स्टेशन ठप होने से कच्चा पानी नहीं भरा जा सका है। पानी की किल्लत से परेशान लोग किसी भी समय सड़क पर उतर सकते हैं।
करेलाबाग में मंगलवार शाम से विद्युत केबल में आई गड़बड़ी अब भारी पड़ रही है। पुराने शहर दर्जनों मोहल्लों समेत सिविल लाइंस, कटरा, मम्फोर्डगंज शहर के साठ फीसदी हिस्से में रहने वाले लाखों शहरियों के घरों के नल सूखे हैं। बुधवार को नलों से पानी नहीं आया तो लोगों ने टंकियों में भरे पानी से काम चलाया। बृहस्पतिवार को लोग बाल्टी डिब्बा लेकर भटकने लगे।
जलकल विभाग के करेलाबाग वाटर वर्कस के टैंकों में कच्चे पानी का भंडारण समाप्त हो गया है। बिजली गुल होने से 80 एमएलडी के इस वाटर वर्कस के सभी टैंक खाली पड़े हैं। कच्चा पानी न होने से शोधित जल की उपलब्धता और सप्लाई नहीं हो पा रही है। बिजली अधिकारी फाल्ट लोकेट न होने की बात कह रहे हैं लेकिन घंटों बिजली का गुल होने फिर आंखमिचौली के कारण पानी की किल्लत से परेशान लोग अब आक्रोशित हो रहे हैं। जलकल अफसरों ने बताया कि शिकायत करने वाले अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
इन क्षेत्रों-मोहल्लों में रही परेशानी
जलापूर्ति बाधित रहने से सर्वाधिक प्रभावित इलाका शहर दक्षिणी और उत्तरी रहा। पुराने शहर के चौक, शाहगंज, मुट्ठीगंज, ऊंचामंडी, बहादुरगंज, दरियाबाद, बांस मंडी, मालवीय नगर, मीरापुर, शास्त्रीनगर, करेली, करेलाबाग, हिम्मतगंज, भावापुर, कालाडांडा, भुसौली टोला, पुरुषोत्तम नगर, खुल्दाबाद, गाड़ीवान टोला, लूकरगंज का अधिकांश इलाका, सिविल लाइंस में क्लाइव रोड, एल्गिन रोड, लोहिया मार्ग, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, एमजी मार्ग, सरदार पटेल मार्ग, नवाब यूसुफ रोड, पीडी पार्क के आसपास, कानपुर रोड, हाईकोर्ट कॉलोनी, मेयोहाल, कटरा, मम्मफोर्डगंज समेत दर्जनों मोहल्लों के घरों में नल सूखने से टंकियां खाली हो गईं।
प्रभावित इलाकों में लगाए 42 पानी के टैंकर
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के निर्देश पर जलकल विभाग ने प्रभावित इलाकों में पानी के 42 टैंकर भेजे। बृहस्पतिवार को पुराने शहर के कई मोहल्लों में तीन बार जगह बदलकर टैंकर खड़े कराए गए। वहां पानी भरने के लिए मारामारी मची रही। वहीं शहर में लगे 363 बड़े और 310 मिनी ट्यूबवेलों में अधिकांश प्रभावित इलाकों में होने के कारण बंद रहे। जहां नलकूप चले वहीं से पानी के टैंकर भरे गए।
डीएम से मिले जीएम, दी रिपोर्ट
जलापूर्ति बाधित होने से परेशान लोगों का गुस्सा झेल रहे जीएम जलकल रतन लाल ने बृहस्पतिवार की रात जिलाधिकारी भानुचंद गोस्वामी से मुलाकात कर रिपोर्ट दी। उन्हें बताया कि 36 घंटे हो गए लेकिन विद्युत अधिकारी बिजली की गड़बड़ी दूर नहीं कर सके। अब लोग मारपीट पर उतारू हैं। डीएम ने पॉवर कारपोरेशन के अफसरों को तलब तक गड़बड़ी दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि करेलाबाग की बिजली हर संभव प्रयास कर बहाल करें ताकि जलापूर्ति सामान्य की जा सके।
रात नौ बजे तक दो फेस ही दुरुस्त
बिजली विभाग के अफसर और तकनीकी दल के सदस्य करेलाबाग में आई फाल्ट नहीं खोज पाए। दबाव बढ़ा तो किसी तरह दो फेस ही दुरुस्त किए जा सके। महापौर,नगर आयुक्त से पावर कारपोरेशन के अफसरों ने रात नौ बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की बात कही थी, लेकिन स्थिति जस की तस रही। देर रात तीसरे फेस की लाइट गुल रही। इस कारण पंपिंग स्टेशन के पंप नहीं चलाए जा सके। यही स्थिति रही तो शुक्रवार सुबह हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।
जलापूर्ति में बिजली की गड़बड़ी बाधा बनी है। प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर भेजे गए हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है। जीएम जलकल को वैकल्पिक प्रबंध करने का निर्देश दिए हैं। - अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर
36 घंटे से करेलाबाग वाटर वर्कस की बिजली खराब है। बिना बिजली के कच्चा पानी स्टोर नहीं हो पा रहा है। पानी के टैंकरों को नलकूपों से भरा जा रहा है। इंजीनियरों को रात में भी मौके पर रुकने को कहा गया है। बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो सुबह तक जलापूर्ति सामान्य की जा सकती है।- रतन लाल, महाप्रबंधक जलकल