छात्रों ने कहा कि पूर्व पदाधिकारियों और कानून के जानकारों से बात कर इसके विधिक पक्ष पर भी सलाह ली जा रही है। छात्रसंघ भवन के सामने हुई प्रेस कांफ्रेंस में छात्र नेताओं ने कहा कि पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने जब छात्रसंघ को भंग कर छात्र परिषद का गठन किया था तो एक छात्र ने भी इस चुनाव में शिरकत नहीं की।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर जारी आंदोलन को बृहस्पतिवार को दो साल पूरे हो गए। इस मुद्दे पर सभी छात्र संगठन अब एक मंच पर आ गए हैं और उन्होंने तय किया है कि सितंबर तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर निर्णय नहीं किया तो दो अक्तूबर को छात्र खुद छात्रसंघ का चुनाव कराएंगे।
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छात्रों ने कहा कि पूर्व पदाधिकारियों और कानून के जानकारों से बात कर इसके विधिक पक्ष पर भी सलाह ली जा रही है। छात्रसंघ भवन के सामने हुई प्रेस कांफ्रेंस में छात्र नेताओं ने कहा कि पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने जब छात्रसंघ को भंग कर छात्र परिषद का गठन किया था तो एक छात्र ने भी इस चुनाव में शिरकत नहीं की। विश्वविद्यालय के सभी छात्रों ने एक सिरे से छात्र परिषद को नकार दिया। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रसंघ की बहाली कर देनी चाहिए।
छात्र नेताओं ने इविवि में चार गुना फीस वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। कहा कि कोरोना काल में उत्पन्न हुए आर्थिक संकट के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आए छात्र-छात्राओं के लिए अध्ययन जारी रख पाना संभव नहीं होगा। छात्रों ने सवाल उठाए कि 2019 से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए, कोविड के कारण खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां ठप रहीं, इसके बावजूद इन मदों में छात्रों से शुल्क क्यों लिया गया?
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छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन बताए कि यह धनराशि कहां गई। इस मौके पर एबीवीपी से नीरज प्रताप सिंह, समाजवादी छात्रसभा से अजय यादव सम्राट, एसएफआई से विकास स्वरूप, एनएसयूआई से सत्यम कुशवाहा, दिशा छात्र संगठन से अविनाश, एसएफआई से विकास स्वरूप, अपना दल छात्र मंच से संदीप वर्मा, बहुजन छात्रसभा से जितेंद्र धनराज आदि मौजूद रहे।