तमाम हिदायतों के बाद भी आपराधिक मामलों की विवेचना को लेकर गंभीरता न बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ऐसे ही एक मामले में सिविल लाइंस थाने में तैनात इंस्पेक्टर अभय श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही तत्कालीन सीओ वृजनारायण सिंह को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। विवेचना में लापरवाही पर यह कार्रवाई एडीजी जोन की ओर से की गई।
इसी साल मार्च में एडीजी जोन के नाम पर फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया। एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया। इसमें उनकी तस्वीर भी लगाई गई। इस फर्जी अकाउंट से एक पोस्ट की गई, जिसमें खाता नंबर देकर कहा गया कि लॉकडाउन के दौरान संकट से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए दिए गए खाते में सहयोग राशि दी जाए। मामले की जानकारी हुई तो एडीजी ने जांच शुरू कराई। साथ ही कैंट थाने में आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
आरोप है कि इस मामले की विवेचना सिविल लाइंस में तैनात अपर प्रभारी निरीक्षक अभय श्रीवास्तव को मिली। लेकिन, उन्होंने लापरवाही बरती। न ही तथ्य जुटाए और न ही आरोपियों का कोई सुराग हासिल कर सके। समीक्षा के दौरान विवेचना में लापरवाही की बात सामने आने पर उच्च्चाधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। साथ ही उचित पर्यवेक्षण न करने के आरोप में तत्कालीन सीओ को भी चेतावनी पत्र जारी किया गया।
- विवेचना में लापरवाही की बात सामने आने पर विवेचक को निलंबित किया गया है। तत्कालीन सीओ को भी चेतावनी पत्र जारी किया गया है। - प्रेमप्रकाश, एडीजी प्रयागराज जोन