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UP : रिश्तों में दावों की जंग- महिला बोली मैं कानूनी पत्नी, बेटे ने कहा- नौकरानी हो

Sun, 07 Sep 2025 06:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

30 करोड़ की संपत्ति के वारिसाना हक को लेकर रिश्तों की कानूनी जंग इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंची है। एक महिला ने खुद को मृतक की दूसरी पत्नी व उसके बच्चों की सौतेली मां होने को दावा किया है।
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परिवार अदालत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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30 करोड़ की संपत्ति के वारिसाना हक को लेकर रिश्तों की कानूनी जंग इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंची है। एक महिला ने खुद को मृतक की दूसरी पत्नी व उसके बच्चों की सौतेली मां होने को दावा किया है। वहीं, मृतक के बेटे ने उन्हें नौकरानी बताया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक स्थिति की घोषणा का अधिकार केवल पारिवारिक न्यायालय को है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने याची महिला की अपील आंशिक तौर पर स्वीकार करते हुए मामले को गौतमबुुद्ध नगर के पारिवारिक न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।

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कैसे खड़ा हुआ विवाद

महिला का दावा है कि पहली पत्नी की मौत के बाद उसने 2011 में रमेश शर्मा (बदला हुआ नाम) से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। लिहाजा, वह रमेश की कानूनी पत्नी है। तीन साल बाद 2014 में पति की मृत्यु हो गई। इसके बाद जब करीब 30 करोड़ की संपत्ति के बंटवारे का सवाल उठा तो बेटे ने उन्हें पिता की दूसरी पत्नी मानने से इन्कार कर दिया। कहा कि वह मां नहीं नौकरानी हैं।

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सिविल कोर्ट से हाईकोर्ट तक

महिला ने सिविल कोर्ट में वाद दाखिल कर खुद को मृतक की दूसरी पत्नी घोषित करने की मांग की लेकिन 17 सितंबर 2022 को मुकदमा खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि विवाह की वैधता तय करने का क्षेत्राधिकार पारिवारिक न्यायालय को है, उसे नहीं। इसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने माना कि सिविल कोर्ट का क्षेत्राधिकार संबंधी तर्क सही है लेकिन वाद को खारिज करना गलत था। अदालत ने कहा कि वाद को खारिज करने के बजाय वाद पत्र वापस कर महिला को यह अधिकार दिया जाना चाहिए था कि वह सक्षम पारिवारिक न्यायालय में अपना मुकदमा दाखिल कर सके।
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