शनिवार को अमर उजाला से बात करते हुए ऋषि अजय दास ने कहा कि लक्ष्मीनारायण ने खुद का जूना अखाड़ा में विलय कर लिया। अब वह अखाड़ा में नहीं रहे गए। उनकी हैसियत खालसा की हो गई है। उनका दावा है कि सैकडा़ें किन्नर उनके संपर्क में है। उनके हितों की रक्षा केे लिए वह जल्द ही विशाल सम्मेलन करेंगे। इसमें अखाड़े का नए सिरे से पुर्नगठन होगा। वहीं, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ऋषि अजय दास को बाहरी ठहराया।
उनका कहना है कई साल पहले ही ऋषि अजय दास को बाहर निकाला जा चुका। ऐसे में किसी तरहह की कार्रवाई करने का हक अजय दास को नहीं है। इन विवादों के बीच ममता कुलकर्णी के अमृत स्नान को लेकर संशय बना हुआ है। इस बारे में आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन, उनसे बात नहीं हो सकी।