इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के बाद प्रयागराज के भी 50 से अधिक परिवारों की चिंता बढ़ गई है। रोजगार के लिए गए लोगों के परिजन दिन में कई बार फोन कर अपनों का कुशलक्षेम जान रहे हैं। साथ ही सरकार से दोनों देशों के बीच तनाव रहने तक सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं।
हनुमानगंज के लीलापुर खुर्द गांव के शिव गणेश द्विवेदी डेढ़ साल पहले इस्राइल गए थे। इस समय वह गाजा पट्टी में हैं। फोन पर बातचीत में उन्होंने परिजनों को बताया कि फिलहाल स्थिति ठीक नहीं है और खतरा बना हुआ है, हालांकि सुरक्षा के लिए जगह-जगह बंकर बनाए गए हैं।
अलर्ट का मैसेज आने और सायरन बजने पर लोग बंकरों की तरफ भागते हैं। खतरे को देखते हुए वहां पर दो दिनों की छुट्टी घोषित कर दी गई है, जो अभी और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में फिलहाल वह भारत आना चाह रहे हैं, लेकिन फ्लाइट नहीं आ रही।
शिव गणेश की मां इंद्रा देवी का कहना है कि दिन-रात बेटे की चिंता सता रही है। एक साल पहले पिता का निधन हो गया था। उस समय भी वह नहीं आ पाया था। पत्नी सोनी का कहना है कि मोबाइल पर लगातार बात होती रहती है। तीन बच्चे हैं, हमेशा पूछते रहते हैं कि पापा कब आ रहे हैं। सरकार से निवेदन है कि पति को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था कराए। विदित हो कि भारत सरकार की योजना के तहत रोजगार के सिलसिले में यूपी के विभिन्न जिलों से हजारों लोग इस्राइल गए हैं। इसमें प्रयागराज के भी करीब 50 लोग शामिल हैं।
कुछ दूरी पर गिरी मिसाइल तो फैली दहशत
हंडिया के श्याम मौर्य 10 महीने पहले इस्राइल गए थे और कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं। वे तेल अवीव में रहते हैं, जहां ईरान ने सबसे अधिक मिसाइलें दागी हैं। श्याम बताते हैं कि शुक्रवार रात में तीन बार हमले हुए। कुछ दूरी पर मिसाइल गिरी तो दहशत फैल गई, हालांकि उन्हें तथा आसपास के क्षेत्र में कोई नुकसान नहीं हुआ।
यूपी से गए सभी लोग रहते हैं एक-दूसरे के संपर्क में
हनुमानगंज के हाजीपुर गांव के वीरेंद्र बिंद इस समय जॉर्डन के जंगल में रह रहे हैं। वह एक वैज्ञानिक के साथ हैं। वीरेंद्र का कहना है कि इस्राइल में लंबे समय से युद्ध का माहौल है। इस कारण प्रयागराज एवं यूपी के लोग हमेशा एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। जब हमले का अलार्म होता है तो अफरातफरी मच जाती है और लोग भय में आ जाते हैं, लेकिन खतरा टलने के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है।
सुरक्षा के लिए जगह-जगह बंकर बनाए गए हैं। इसके अलावा पुलिस भी तैनात रहती है। सभी के मोबाइल पर ऐप डाउनलोड है, जिससे खतरा होने पर मैसेज आता है। अलर्ट का सायरन बजने के साथ मोबाइल पर भी घंटी बजती है। वीरेंद्र की माता रेखा कहती हैं कि बेटे की हमेशा चिंता सताती रहती है। पिता सुरेश एवं भाई पुष्पराज का कहना है कि वीरेंद्र से लगातार बात होती रहती है। यही प्रार्थना है कि भगवान सभी को सुरक्षित रखें।