इलाहाबाद(ब्यूरो)। जिले में तकरीबन तीन हजार वक्फ संपत्तियां हैं। 25 साल बाद फिर से कराए गए सर्वे में 197 नई संपत्तियां और चिह्नित की गई हैं। इनकी सूची शासन को भेज दी गई है। सबसे अधिक संपत्तियां कोरांव तहसील में चिह्नित की गई हैं। इन संपत्तियों का वक्फ बोर्ड के निरीक्षक सत्यापन करेंगे और आपत्तियां का निस्तारण होने के बाद इन्हें वक्फ में दर्ज कर लिया जाएगा।
वक्फ संपत्तियों को चिह्नित करने के लिए 25 साल पहले सर्वे कराया गया था। वक्फ में तकरीबन तीन हजार संपत्तियां दर्ज हैं। 25 साल बाद शासन ने दोबारा सर्वे कराया। यह काम तहसीलवार कराया गया। सर्वे में तीन माह से अधिक समय लगा और इस दौरान 197 नई संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जिन्हें अब तक वक्फ घोषित नहीं किया गया है।
वक्फ विभाग के सूत्रों ने बताया कि सबसे अधिक 71 संपत्तियां कोरांव तहसील और सबसे कम तीन संपत्तियां सदर तहसील क्षेत्र में चिह्नित की गईं हैं। इसके अलावा सोरांव में 49, मेजा में 22, हंडिया में 28, मेजा में 22 और बारा में सात संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनमें सर्वाधिक 112 कब्रिस्तान शामिल हैं। साथ ही 67 मस्जिदें, आठ मजार, छह इमामबाड़ा, तीन करबला ओर एक ईदगाह भी चिह्नित किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि चिह्नित की गई नई संपत्तियों की सूची शासन को भेज दी गई है। अब वक्त विभाग के इंस्पेक्टर इनका सत्यापन करेंगे। आपत्तियां भी मांगी जाएंगी। उनका निस्तारण होगा और उसके बाद इन्हें वक्फ बोर्ड में दर्ज किया जाएगा। इस कार्य को पूरा होने में कम से कम छह माह लगेंगे।