इलाहाबाद। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मंत्री आजम खां ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिेमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी की जनसभा को इजाजत देने से रोक रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों पर दबाव बनाया है कि किसी भी हालत में जनसभा की इजाजत नहीं दी जाए। ओवैसी की जनसभा को अनुमति देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में यह आरोप लगाए गए हैं। याची अफसर महमूद ने अनुमति देने से इंकार करने संबंधी डीएम इलाहाबाद के आदेश को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी।
याची का कहना है कि उसने चार मार्च 2015 को इलाहाबाद में कुछ स्थानों पर ओवैसी की जनसभा कराने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। एडीएम तृतीय ने उसे 15 मार्च को सभा की इजाजत दे दी। इसके बाद नौ मार्च को बिना कोई कारण बताए उनकी एडीएम ने अपना आदेश रद्द कर दिया। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट याचिका दाखिल की। कोर्ट ने उसे पुन: जिला प्रशासन को प्रार्थनापत्र देने का निर्देश दिया।
कोर्ट के निर्देश पर उसने 30 मार्च को डीएम इलाहाबाद ने ओवैसी के दिल्ली में दिए गए भाषण को भड़काऊ बताते हुए सभा की इजाजत देने से इंकार कर दिया। याची का कहना है कि तत्कालीन डीएम भवनाथ ने उसे मौखिक रूप से बताया कि जब तक प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार है, मुलायम सिंह यादव और आजम खां ओवैसी की सभा की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई डीएम यदि सभा की इजाजत देगा तो उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा। इसके बाद याची ने पुन: हाईकोर्ट की शरण लेकर इजाजत देने की मांग की है। याचिका में तत्कालीन डीएम भवनाथ को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी।