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केंद्रीय पुलिस की निगहबानी में हुआ किस्मत का फैसला

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कौशाम्बी - फोटो : kaushambi
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कौशाम्बी लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला गुरुवार को केन्द्रीय पुलिस की निगहबानी में हुआ। शांतिपूर्ण मतगणना कराने के लिए मंडी में जिले भर के करीब 450 जवान लगाए गए थे। मंडी की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की भी नो एंट्री रही। 
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मतगणना से पहले ईवीएम बदले जाने के शोर ने कांग्रेस, गठबंधन समेत सभी प्रमुख उम्मीदवारों की नींद उड़ा रखी थी। प्रत्याशियों ने गड़बड़ होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी अफसरों को दे रखी थी। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों को भी लग रहा था कि कहीं कुछ उल्टा-सीधा हुआ तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इसी का नतीजा रहा कि स्ट्रांग रूम को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया। गुरुवार को मतगणना में एक कंपनी सीआइएसएफ लगाई गई थी। केंद्रीय पुलिस के जवानों ने अपनी आंखों के सामने मतों की गणना कराई। बड़े अफसरों, एजेंटों के अलावा बाकी किसी को नीलामी चबूतरे पर फटकने भी नहीं दिया गया। एक कंपनी पीएसी, करीब 26 निरीक्षक, 80 उननिरीक्षक सहित लगभग 450 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था। हालांकि इतने के बाद भी हारने वाले धांधली के आरोप फुसफुसाकर लगाते रहे। किसी ने खुलकर कुछ कह पाने की हिम्मत नहीं जुटाई। 

नो एंट्री में घुसने को लेकर नोकझोंक
मंझनपुर। मतगणना को लेकर गुरुवार को प्रशासन खासा चौकन्ना रहा। ओसा और मंझनपुर चौराहे पर बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। दोनों चौराहों पर वाहन नो एंट्री की ओर ले जाने को लेकर लेागों की पुलिस वालों से दिनभर झड़प होती रही। खासकर नेता चाहते थे कि वो गाड़ी के साथ ही भीतर जाएंगे। नोकझोंक के बाद भी पुलिस वालों ने नहीं जाने दिया तो पैदल मंडी पहुंचे। ओसा बैरियर पर पश्चिमशरीरा एसओ तो मंझनपुर में यातायात प्रभारी संतलाल सरोज की ड्यूटी लगाई गई थी। 
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