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इलाहाबाद का नाम बदलने पर उठे विरोध के स्वर

Tue, 16 Oct 2018 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इलाहाबाद का नाम बदलने के एलान का विरोध शुरू हो गया है। अलग-अलग संगठनों ने सोमवार को राज्य सरकार के इस कदम की कड़े शब्दों में आलोचना की। एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से हुई बैठक में  योगी सरकार के फैसले पर आक्रोश जताया गया। कांग्रेस नेता पूर्व पार्षद सलामत अली ने कहा कि बिना इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की घोषणा का व्यापक पैमाने पर विरोध किया जाएगा।
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सिविल लाइंस में एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजीत भाष्कर ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने पर गहरा आक्रोश जताया। कहा कि इलाहाबाद पूरे विश्व में विख्यात है। यह नाम गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल भी है। इसी नाम से शहर की दुनिया भर में पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रयाग क्षेत्र में सिर्फ माघ मेला और कुंभ मेला का आयोजन होता है। ऐसे में पूरे इलाहाबाद का नाम बदलने का औचित्य नहीं बनता। उन्होंने संवैधानिक नियमों का हवाला दिया कि देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका संरक्षण करे। इस मौके पर एसोसिएशन के सचिव रूपेश नाथ सिंह, अभिषेक रावत, रतन वर्मा, पवन पांडेय, विष्णु भगवान, त्रिभुवन नाथ समेत तमाम अधिवक्ता उपस्थित थे। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के अध्यक्ष शाहिद प्रधान ने इलाहाबाद का नाम बदलने के सीएम के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
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