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माइक्रो एटीएम से पैसा निकाल सकेंगे ग्रामीण

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ग्रामीणों तथा केंद्र सरकार की योजना का लाभ पाने वाली जनधन की महिला खाताधारकों को पैसा निकालने के लिए अब बैंक में लाइन नहीं लगानी होगी। उन्हें माइक्रो एटीएम की सुविधा मिलेगी, जिसकी मदद से वह घर पर ही पैसा निकाल सकेंगी। इसके लिए डाक और पंचायती राज विभाग के बीच समझौता हो गया है।
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केंद्र सरकार की ओर से जिले की आठ लाख से अधिक महिलाओं के जनधन खाता में 500-500 रुपये की राशि आर्थिक मदद के तौर पर डाली गई है। इसे निकालने के लिए बैंक शाखाओं में लंबी कतार लग रही है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा। इसे ध्यान में रखकर डाक विभाग की माइक्रो एटीएम योजना का लाभ उठाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सभी डाकियों के पास माइक्रो एटीएम होगा। वे गांव-गांव जाकर लोगों को पैसा निकालने में मदद करेंगे। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि खाताधार का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हो। खाताधारक की बायोमेट्रिक पहचान की जाएगी। सबकुछ सही होने पर प्रक्रिया पूरी कर राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें अंगूठा लगाना होगा। इसके लिए सैनिटाइजर आदि की भी व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके प्रचार-प्रसार की भी योजना बनाई गई है। ताकि, ग्रामीण बैंक में जाने के बजाय गांव में ही अपने खाते से पैसा निकाल सकें।
गेहूं खरीद के लिए किसानों को जारी होगा टोकन
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए किसानों को लाइन नहीं लगानी होगी। उन्हें टोकन जारी किया जाएगा। इसी के साथ यह भी निर्धारित हो जाएगा कि उन्हें गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर कब पहुंचना है।
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गेहूं की खरीद बुधवार से शुरू होगी। यहां 64 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी 10 फीसदी किसानों ने भी पंजीकरण नहीं कराया है लेकिन 40 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है। इसके अलावा इस बार 15 दिन बाद गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। इतना ही नहीं लॉकडाउन की वजह से व्यापारी भी गेहूं नहीं खरीद पा रहे। यानी, गेहूं बेचने के लिए किसानों के पास फिलहाल कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। ऐसे में शुरुआती दिनों से ही क्रय केंद्रों पर भीड़ जुटने की उम्मीद है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा। इसे देखते हुए किसानों से टोकन के आधार पर गेहूं खरीद का निर्णय लिया गया है। इसके तहत किसानों को अलग-अलग समय पर बुलाया जाएगा।
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