तीसरा मेजारोड में दुकान के पास करीब डेढ़ साल पहले खरीदी गई जमीन का तो कोई विवाद नहीं था, क्योकि शक की सुई खास लोगों की तरफ भी जा रही थी। विजय के छोटे भाई विनय ने चीरघर में बताया कि एक हफ्ते पहले खानपुर गांव के समीप से उसे भी अगवा करने का प्रयास किया गया था। कार सवार लोगों ने उसे अपहृत करने की कोशिश की थी, हालांकि वह बच गया था। लेकिन जब उससे पूछा गया कि क्या उसने पुलिस को सूचना दी थी, तो उसने कहा नहीं। विजय केशरी के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा नैनी पुलिस ने मेजा पुलिस के हाथों सौंप दिया है।
खुशियों के आंगन से उठने लगी मातमी चीत्कार
विजय केशरी के सबसे छोटे भाई विनय केशरी की शादी तय थी। तीन दिन बाद एक दिसंबर को उसकी बारात जानी थी। पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। घर परिवार के लोग शादी की तैयारियों में जुटा था। बहन बेटियों का आना जाना शुरू हो गया था। आंगन में खुशियां गूंज रहीं थीं, लेकिन रविवार को विजय की हत्या की वजह से खुशियों के आंगन से मात्मी चीत्कार उठने लगी।
कपड़ा कारोबारी विजय केशरी बेहद सज्जन था। उसका किसी से किसी प्रकार का विवाद नहीं था। जिस मुहल्ले में वह रहता था वहां के लोगों ने भी बताया कि वह अपने काम से मतलब रखता था। परिजनों के मुताबिक उसके परिवार से किसी का किसी प्रकार का विवाद नहीं था। अगर, किसी से किसी प्रकार का विवाद नहीं था तो उसका किसने अपहरण कर मार डाला? हालाकि पुलिस कई विन्दुओं पर तफ्तीश कर रही है। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को थाने पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। मेजा थाने के कोतवाल सुनील बाजपेयी ने बताया कि जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।