रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) इलाहाबाद द्वारा ली जा रही ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने इस पूरे प्रकरण की विजलेंस जांच कराने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इसी सप्ताह बोर्ड की विजलेंस टीम इलाहाबाद पहुंच जाएगी। इस दौरान इस प्रकरण से जुड़े तमाम दस्तावेज खंगालने के साथ आरआरबी की तकनीकी टीम द्वारा की जा रही जांच पर विजलेंस टीम अपनी नजर रखेगी।
बता दें कि 22 अप्रैल को यूपी एसटीएफ की टीम ने आरआरबी इलाहाबाद की ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक होने का खुलासा किया। इस मामले में आरआरबी ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया। इस दौरान यह भी जानकारी मिली कि ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक का सूत्रधार रेलवे का ही एक सेक्शन इंजीनियर विनोद प्रकाश गुप्ता है। एसटीएफ की जांच के बाद आरआरबी ने भी माना कि ऑनलाइन भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। शनिवार को आरआरबी प्रशासन ने स्वीकारा कि अभी जो जांच हुई है, उसके हिसाब से ऑनलाइन पेपर का एक सेट का मैच हुआ है।
इस पूरे प्रकरण केे बाद रेलवे बोर्ड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विजलेंस जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की विजलेंस टीम एक दो दिन में इलाहाबाद पहुंच जाने की संभावना है। इस दौरान विजलेंस की टीम आरआरबी इलाहाबाद से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। पहले चर्चा इस बात की भी कि एनसीआर की विजलेंस टीम इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी लेकिन संबंधित जोन का कार्यक्षेत्र न होने की वजह से रेलवे बोर्ड अपनी विजलेंस टीम इलाहाबाद भेजने जा रहा है। विजलेंस टीम की ऑन लाइन परीक्षा कराने वाली एजेंसी से जुड़े लोगों से भी तमाम दस्तावेज तलब कर सकती है। बता दें कि इसके पूर्व वर्ष 2008 में आरआरबी चेयरमैन पीके सांघी के कार्यकाल में पेपर लीक प्रकरण के बाद भी विजलेंस की टीम इलाहाबाद आई थी।