कुछ ही देर बाद उन्होंने नेशनल हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही आईजी रेंज कार्यालय में स्थित साइबर थाने में लिखित शिकायत दी। लेकिन 12 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। आरोप है कि साइबर थाने जाने पर उन्हें हर बार टरका दिया गया। उधर इस मामले में साइबर थाने के इंस्पेक्टर राजीव तिवारी ने चौंकाने वाला बयान दिया। पहले तो वह तहरीर न मिलने की बात कहते रहे। कुछ देर बाद कहा कि जांच चल रही है। यह पूछने पर कि बिना एफआईआर दर्ज किए किस तरह से जांच चल रही है, वह जवाब नहीं दे पाए।
पहले जांच, फिर एफआईआर
सूत्रों का कहना है कि साइबर थाने में यह ट्रेंड नया नहीं है। शिकायती पत्र मिलने के बाद भी मामलों में एफआईआर तुरंत नहीं दर्ज की जाती। अगर अपराधी हाथ आया तो रिपोर्ट दर्ज कर तुरंत गुडवर्क दिखा दिया जाता है। अपराधी नहीं पकड़ा गया तो पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर भटकता रहता है।
प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया है। लिखित शिकायत के 12 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई तो गंभीर मामला है। संबंधित से पूछताछ की जाएगी। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राकेश सिंह, आईजी रेंज प्रयागराज