यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने की पेनाइल प्रोस्थेसिस सर्जरी
निर्धारित मात्रा से आठ गुना अधिक डोज प्रतिदिन लेने का असर उसके शरीर पर दिखने लगा। कुछ दिन बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी और वह दर्द से कराहने लगा। उसकी दशा देख नवविवाहित पत्नी भी परेशान हो गई। पत्नी उसे लेकर डॉक्टरों के पास आई। डॉक्टरों ने जब उसकी काउंसलिंग की तो चौंकाने वाला खुलास सुनकर वह भी सन्न रह गए। मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने उसकी पेनाइल प्रोस्थेसिस सर्जरी की जो सफल रहा।
डॉ. दिलीप चौरसिया के नेतृत्व में यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने मरीज की जांच की और इरेक्शन को हटाने का फैसला किया और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में करीब तीन घंटे तक चलने वाली पहली सर्जरी की। आपरेशन के दौरान युवक के गुप्तांग में पेनाइल प्रोस्थेसिस (मेडिकल उपकरण) प्रत्यारोपित किया गया।
बिना डॉक्टरों की सलाह के न लें कामोत्तेजक दवाएं
इसे दिल्ली से मंगाया गया था, इसकी कीमत 35 हजार रुपये है। मरीज की हालत अब ठीक है और अगले एक सप्ताह बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। डॉ. दिलीप चौरसिया का कहना है कि यह पहली बार है जब इस तरह का उपचार प्रयागराज में किया गया। "सर्जरी के बाद, आदमी फिर से एक खुशहाल वैवाहिक जीवन जीएगा और पिता भी बनेगा।" सफल आपरेशन के लिए परिजनों ने डॉक्टरों की टीम के प्रति आभार जताया।
डॉ. चौरसिया का कहना है कि बिना डॉक्टरों की सलाह के पौरुष शक्ति और कामोत्तेजना बढाने वाली दवाओं का सेवन करना घातक साबित हो सकता है।मधुमेह और स्तंभन दोष वाले लोगों को विशेष रूप से अधिक सतर्क रहना चाहिए और विशेषज्ञों की सलाह के बिना ऐसी दवाएं कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि यह उनके लिए विनाशकारी साबित हो सकती है।