विश्व हिंदू परिषद के शिविर में सोमवार को एक बार फिर से हलचल रही। विहिप के माध्यम से पहली बार पांच हजार वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोग पहली बार गंगा और कुंभ के दर्शन कर पाएंगे। सोमवार को केंद्रीय पदाधिकारियों की आगामी धर्म संसद की तैयारियों को लेकर चली बैठक में 10 फरवरी से होने वाले वनवासी सम्मेलन की भी चर्चा की गई।
विहिप के कें द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, महामंत्री संगठन विनायक राव देशपंाडे, केंद्रीय संपर्क प्रमुख रास बिहारी, क्षेत्र संगठन मंत्री और प्रांत संगठन मंत्री मुकेश ने प्रांत स्तर के पदाधिकारियों के साथ धर्म संसद की कार्ययोजना पर चर्चा किया। इस दौरान धर्म संसद में आने वाले संतों की सूची बनाकर आमंत्रण पत्र वितरित करने का काम भी शुरू किया।
इस बीच शिविर में पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी विहिप पदाधिकारियों ने देर तक मंत्रणा की। खट्टर ने वनवासी सम्मेलन की तैयारी को लेकर जानकारी ली। विहिप के केेंद्रीय महामंत्री ने बताया कि राजस्थान सहित कई और प्रदेशों के वनवासी क्षेत्रों के करीब पांच हजार लोग कुंभ क्षेत्र में आएंगे।
यह ऐसे लोग हैं जो पहली बार गंगा और कुंभ को सजीव देख पाएंगे। इस बीच विहिप पदाधिकारियों ने धर्म संसद में आमंत्रित किए जाने वाली संतों और दूसरे प्रमुख लोगों की सूची की समीक्षा की। अभी तक कुंभ क्षेत्र में रह रहे सभी प्रमुख संतों तक धर्म संसद में आने का आमंत्रण भेज दिया गया है।
जिसें अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के अलावा शंकराचार्य अधोक्षजानंद, स्वामी हंसदेवाचार्य, स्वामी अवधेशानंद गिरी, महामंडलेश्वर कैलाशानंद, प्रखर महाराज जैसे कई प्रमुख संतों का नाम शामिल है। इसी तरह कई संत है जिनके पास अभी तक आमंत्रण पत्र नहीं पहुंचा है।