जेठवारा इलाके में सोमवार सुबह बाइक से कचहरी जा रहे अधिवक्ता व विहिप प्रखंड कुंडा के जिलाध्यक्ष को बाइक सवार दो बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनकी बाइक पर पीछे बैठा युवक हत्यारोपियों के साथ भाग निकला। मौके पर पहुंची पुलिस शव लेकर बाघराय सीएचसी जाने लगी। जिसे परिजनों ने छीनकर कब्जे में ले लिया। घटना से गुस्साए लोगों ने जेठवारा तिराहे पर जाम लगा दिया। खबर पर पहुंचे एसपी से लोगों की तीखी झड़प हुई। आक्रोशित परिजन शव लेकर घर चले गए। लोग सीएम को बुलाने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए देने की जिद पर अड़ गए। घटना की जानकारी मिलने पर डीआईजी भी पहुंचे। परिवार के लोगों को समझाने के लिए एसपी व एएसपी पश्चिमी दस थानों की फोर्स के साथ डटे हुए हैं। शाम को डीआईजी व जिलाधिकारी अधिवक्ता के घर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे।
महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर सरायखानदेव निवासी ओम मिश्रा (35) पुत्र तीरथराज मिश्रा विश्व हिंदू परिषद प्रखंड कुंडा के जिलाध्यक्ष व पेशे से अधिवक्ता थे। सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे के बाद वह बाइक लेकर कचहरी के लिए निकले। रास्ते में उनकी बाइक पर एक युवक सवार हो गया। जेठवारा के देवापुर सकली के करीब पहुंचने पर पीछे बैठे युवक ने ओम से बाइक रोकने के लिए कहा। जैसे ही ओम मिश्रा ने बाइक रोकी तभी बाइक से पहुंचे दो नकाबपोश बदमाशों ने ओम पर गोलियों की बौछार कर दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक ओम के साथ बाइक पर पीछे बैठा युवक बदमाशों की बाइक पर बैठकर मोहनगंज की ओर भाग निकला। घटनास्थल पर ही ओम की मौत हो गई। सूचना मिलने पर जेठवारा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस शव लेकर बाघराय सीएचसी की ओर भागी, लेकिन परिवार के लोगों ने जेठवारा तिराहे पर रोक लिया। परिजन पुलिसकर्मियों पर भड़क गए और तिराहे पर जाम लगाने लगे। तभी पुलिस अधीक्षक एस आनंद व एएसपी दिनेश कुमार द्विवेदी भी दलबल के साथ पहुंच गए। परिवार के लोगों की एसपी से तीखी झड़प हुई। इसके बाद परिजन भी पुलिस के साथ बाघराय सीएचसी चले गए। बाघराय में डाक्टरों ने ओम को मृत घोषित कर दिया।
जिसके बाद परिजन पुलिस से जबरन शव लेकर घर चले गए। घटना की सूचना मिलने पर डीआईजी कबींद्र सिंह घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे। परिजन शव घर पर रखकर सीएम को बुलाने की मांग करने लगे। एसपी एस आनंद व एएसपी दिनेश कुमार द्विवेदी दस थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मृतक के घर पहुंचे। अफसर परिजनों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। घटना को लेकर इलाके में तनाव था। बवाल की आशंका में पुलिस अलर्ट रही। शाम को डीआईजी केपी सिंह व जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने भी मृत अधिवक्ता के घर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह सीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
अधिवक्ता की हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए महेशगंज, जेठवारा पुलिस व क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। प्रथमदृष्टया अधिवक्ता की हत्या रंजिश में होने की बात सामने आ रही है। पुलिस हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
केपी सिंह, डीआईजी, प्रयागराज