उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) इनमें से 13 विषयों का अंतिम चयन परिणाम घोषित करते हुए चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर चुका है और नियुक्ति की संस्तुति के साथ अभ्यर्थियों की फाइल माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज चुका है। इन 13 विषयों में चयनित 4244 अभ्यर्थियों को अब नियुक्त का इंतजार है।
निदेशालय ने अब इन अभ्यर्थियों की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक एवं बीएड की मार्कशीट का सत्यापन शुरू करा दिया है। इनमें से तमाम अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों में अभ्यर्थी के नाम, पिता के नाम और माता के नाम त्रुटि या भिन्नता पाई गई है। हालांकि अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी में अभिलेख सत्यापन के दौरान इन त्रुटियों के मद्देनजर नोटरी शपथपत्र प्रस्तुत किया था।
इन नोटरी शपथपत्रों के आधार पर आयोग ने चयनितों की नियुक्ति की संस्तुति माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी थी। नियमानुसार अभ्यर्थी का नाम जिस रूप में हाईस्कूल/समकक्ष प्रमाणपत्र में अंकित है, उसकी प्रकार उसके सभी प्रमाणपत्रों में होना चाहिए (महिला अभ्यर्थियों के विवाहित होने की स्थिति में सरनेम परिवर्तन को छोड़कर)।
अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) डॉ. अंजना गोयल के अनुसार अभ्यर्थियों ने अपने शपथपत्र के माध्यम से शैक्षिक अंकपत्र/प्रमाणपत्रों में जिन अशुद्धियों या त्रुटियों का जिक्र किया है, उसे संबंधित बोर्ड या विश्वविद्यालय से शुद्ध कराकर उसकी स्वप्रमाणित छायाप्रति 15 दिन के भीतर उनके कार्यालय उपलब्ध करा दें। निर्धारित अवधि के भीतर संशोधित अंकपत्र/प्रमाणपत्र की छायाप्रति प्राप्त नहीं होती है और नियुक्ति की प्रक्रिया में बाधा आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अभ्यर्थी की होगी।