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अब कुलपति को हटाने के लिए छात्रों का हंगामा

Tue, 14 Feb 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के बैनर तले छात्रों ने नई मांग जोड़ते हुए अब कुलपति को हटाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। रजिस्ट्रार ने सोमवार को छात्रों की सभी मांगें माने जाने का लिखित आश्वासन दिया। दबाव बढ़ने के बाद रजिस्ट्रार ने इस्तीफा भी लिख दिया। इसके बावजूद छात्रों ने कुलपति दफ्तर पर घंटों हंगामा किया। इससे परिसर में तनाव बना रहा। छात्रों की इस नई मांग और आंदोलन से शिक्षक तथा अफसर भी हैरान हैं। छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर हंगामे की पहले से आशंका थी। इसकी वजह से परिसर में भारी संख्या में आरएएफ और पुलिस फोर्स तैनात रही।
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जिला और पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में रविवार देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बैठक में छात्राें की सभी चारों मांगें मान ली गईं। इसके बावजूद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। छात्रसंघ की ओर से ‘कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ’ आंदोलन की घोषणा की गई। इसके अलावा वे मांग पूरी होने के लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे। इसके मद्देनजर सोमवार को छात्रसंघ भवन पर छात्रों का जमावड़ा हुआ। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, उपाध्यक्ष अदील हमजा की अगुवाई में वहां से वे पदयात्रा करते हुए कुलपति दफ्तर पहुंचे।

वहां उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हुई सभा में छात्रों का कहना था कि परिसर में पहली बार किसी छात्र ने आत्मदाह किया है। परिसर में अनियमितता का माहौल है। इसलिए कुलपति को जाना होगा। छात्र कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू से वार्ता करना चाहते थे, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से वह सोमवार को भी विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे थे। इस पर छात्रों की नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में घुसने की कोशिश की। रोके जाने पर वे सीढ़ी के पास ही धरने पर बैठ गए।
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छात्रों के बीच पहुंचे रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का भी विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से पुस्तकें निर्गत करने तथा रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी की जल्द नियुक्ति का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए। वे कुलपति को हटाने की मांग कर रहे थे। हंगामा बढ़ने पर रजिस्ट्रार ने आश्वासन वाले पत्र पर ही इस्तीफा लिख दिया। इसके बाद फोर्स भी हरकत में आ गई। दबाव बढ़ने पर छात्र पोर्टिको में आ गए और सभा में बेमियादी अनशन की घोषणा की। इसके बाद छात्र जुलूस बनाकर छात्रसंघ भवन पहुंचे और बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की।आंदोलन में छात्रसंघ महामंत्री शिवबालक, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, आनंद सिंह, भीम सिंह चंदेल, एडीसी छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल शुक्ल, सीएमपी के महामंत्री अभिनव तिवारी आदि शामिल रहे।

कुलपति को हटाने की मांग को लेकर छात्रसंघ के बैनर तले सात छात्रों ने सोमवार शाम को बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। अनशन करने वाले विद्यार्थी छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, अनुभव उपाध्याय, नीरज प्रताप सिंह, जितेंद्र बिंद, अनुज, आशुतोष पाठक, अनुभव सिंह छोटू हैं। उनका कहना है कि कुलपति को वापस बुलाए जाने तक उनका अनशन जारी रहेगा। आंदोलन में छात्रसंघ महामंत्री शिवबालक, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, आनंद सिंह, भीम सिंह चंदेल, एडीसी छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल शुक्ल, सीएमपी के महामंत्री अभिनव तिवारी आदि शामिल रहे।

आंदोलन में शामिल छात्र नेता रजनीश सिंह रिशू ने भी आत्मदाह की चेतावनी दी है। रजनीश ने चेतावनी दी कि यदि कुलपति को हटाया नहीं जाता है तो वह साथियों के साथ सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे।
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