हाईकोर्ट के आदेश की बार-बार अवहेलना करने के आरोपी इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को अदालत ने कड़े शब्दों में नसीहत दी है। कोर्ट ने कहा कि कुलपति हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी न करें। वह या कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। कुलपति जैसे पद पर तैनात व्यक्ति से कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। यदि कुलपति आदेश नहीं मानेंगे तो दूसरे लोगों में गलत संदेश जाएगा।
सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहे प्रो. हांगलू ने अदालत से माफी मांगी। इसके बाद सिस्टम मैनेजर राजकुमार की याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस एस कुमार की पीठ ने कार्य परिषद को नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका में कहा गया था कि याची सिस्टम मैनेजर से प्रवक्ता के पद पर प्रोन्नत किया गया। वर्तमान में वह प्रवक्ता है मगर कुलपति इसे मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि सिस्टम मैनेजर से प्रवक्ता के पद पर प्रोन्नति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण पर निर्णय के लिए कार्यपरिषद को निर्देश दिया। कार्यपरिषद ने मामला कुलपति के पास बढ़ा दिया। कुलपति ने सिस्टम मैनेजर के पद को प्रवक्ता में परिवर्तित करने से इंकार कर दिया। उनके आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कुलपति का आदेश रद्द करते हुए मामला पुन: कार्यपरिषद के पास भेज दिया है।