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मंदिर आंदोलन के ‘हीरो’ बने स्वामी वासुदेवानंद से मिलने वालों का तांता

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संतों-भक्तों की दिन भर रही भीड़, बोले- किसी तरह का मतभेद अब उचित नहीं
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प्रयागराज। राममंदिर निर्माण के लिए गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व मिलने पर जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती मंदिर आंदोलन के हीरो के तौर पर देखे जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने के लिए आश्रम से लेकर माघ मेला शिविर तक संतों-भक्तों का तांता लगा रहा। उन्होंने केंद्र सरकार के कदम को सराहा। उन्होंने कहा कि सरकार जिससे काम लेना चाहती है, उससे ले रही है। इस पर अब किसी तरह का मतभेद या द्वंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधित्व वाले ट्रस्ट के हाथों राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण होगा, यह उनके लिए सबसे बड़ी खुशी और उपलब्धि की बात है।
मंदिर ट्रस्ट में शामिल होने पर माघ मेला स्थित त्रिवेणी मार्ग के ज्योतिष्पीठ शिविर में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से मिलने वालों का तांता लगा रहा। संतों-भक्तों के अलावा कई अफसर भी उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे। दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम माघ मेला शिविर पहुंचे। उन्होंने स्वामी वासुदेवानंद का आशीर्वाद लिया। कहा कि यह मंदिर आंदोलन पर जगदगुरु के संघर्षों का प्रतिफल है। रानीखेत के संत मौनी बाबा, स्वामी विशुद्धानंद, आत्मानंद समेत कई संतों ने उन्हें बधाई दी। उच्च शिक्षा परिषद के न नियुक्त चेयरमैन प्रो जीसी त्रिपाठी, हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी, त्रिवेणी मठ मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष फूचंद्र दुबे, भाजपा काशी क्षेत्र के पूर्व उपाध्यक्ष दिवाकर नाथ त्रिपाठी, किसान यूनियन के प्रदेश सचिव डॉ वीके सिंह, डॉ बीबी अग्रवाल, व्यापार मंडल के अमर वैश्य मुन्ना भैया, हाईकोर्ट के एडवोकेट विभव दत्त ओझा, अशोक पांडेय समेत सैकड़ों संतों -भक्तों ने उनसे मुलाकात की और भव्य राम मंदिर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ने पर खुशी जताई। स्वामी वासुदेवानंद ने विपिह के मॉड पर ही राम मंदिर का भव्य निर्माण कराया जाएगा।
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शंकराचार्य का मॉडल विदेशी, स्वार्थ के लिए लड़ने का आरोप
प्रयागराज। अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के लिए गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद ने स्वामी स्वरूपानंद पर निजी स्वार्थ व महात्वाकांक्षा के लिए लड़ने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि स्वामी स्वरूपानंद का मॉडल विदेशी है। इसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
माघ मेला स्थित ज्योतिष्पीठ शिविर में अमर उजाला से बातचीत में स्वामी वासुदेवानंद ने बताया कि जब परमहंस रामचंद्र दास श्रीराम जन्मभूमि के कार्यकारी अध्यक्ष थे, तब स्वरूपानंद महाराज ने कथित तौर पर रामालय ट्रस्ट की घोषणा की थी। स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि स्वामी वासुदेवानंद अंकोरवाट के तर्ज पर मंदिर का मॉडल प्रस्तुत किए हैं, वो विदेशी है। कहा कि स्वामी स्वरूपानंद महाराज की तो वह मुकदमो में विश्वास रखते हैं। अब इस ट्रस्ट के गठन पर उन्हें भारत सरकार से मुकदमा लड़ना चाहिए।
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ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं नृत्य गोपाल दास
प्रयागराज। अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट में महंत नृत्य गोपाल दास को शामिल किए जाने की स्वामी वासुदेवानंद ने वकालत की। साथ ही उम्मीद भी जताई कि महंत नृत्य गोपाल दास को इस ट्रस्ट में अभी भी शामिल किया जा सकता है। उनका कहना था कि ट्रस्ट के सदस्यों को दो हिंदू संतों को मनोनीत करने का अधिकार दिया गया है। इसमें उनके नाम पर प्रस्ताव लाया जा सकता है।
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