विजिलेंस की टीम ने सपा के पूर्व एमएलसी और शिक्षा बोर्ड के निदेशक वासुदेव यादव को प्रयागराज स्थित जार्ज टाउन स्थित आवास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आय से अधिक संपत्ति के मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
एमएलसी वासुदेव साहब घर पर हैं क्या? हां हैं, बताइए क्या काम है? उनसे मिलना है कुछ काम फंसा है। यह सुनते ही सुरक्षाकर्मी ने मुख्य दरवाजा खोला तो विजिलेंस की टीम अंदर दाखिल हुई और फिर उन्हें गिरफ्तार कर गाड़ी में साथ ले गई। जार्ज टाउन थाने में कार्यवाही पूरी कर उन्हें वाराणसी कोर्ट में पेश कर दिया गया।
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विजिलेंस के साथ की जार्जटाउन थाने की टीम सादी वर्दी में मंगलवार दोपहर 12:40 बजे अमरनाथ झा मार्ग स्थित वासुदेव यादव के आवास संख्या 19-ए पहुंची। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर नन्हे राम सरोज, जयराम शुक्ला, एसआई रियाज खान, मुख्य आरक्षी आशुतोष तिवारी, ओम राय, श्रवण कुमार समेत जार्ज टाउन थाने के एक दरोगा और दो पुलिसकर्मी शामिल थे।
आवास पर पहुंचते ही विजिलेंस की टीम ने दरवाजे पर आवाज लगाई। इतने में गेट खोलने के लिए एक सुरक्षाकर्मी आगे आया और बोला कि क्या काम है। इस पर सादी वर्दी में पहुंची पुलिस टीम ने परिचय जाहिर किए बिना आवश्यक काम का हवाला देकर गेट खुलवाया।
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फिर वासुदेव यादव के सामने आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान घर वाले पूछते रहे कि क्या मामला है, लेकिन टीम ने बिना देरी किए उन्हें गाड़ी में बिठा लिया और जार्जटाउन थाने ले गए। यहां लगभग एक घंटे की कार्यवाही के बाद विजिलेंस की टीम वासुदेव को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो गई।
पूर्व एमएलसी व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक वासुदेव यादव गिरफ्तार
विजिलेंस की टीम ने सपा के पूर्व एमएलसी और शिक्षा बोर्ड के निदेशक वासुदेव यादव को उनके जार्ज टाउन स्थित आवास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आय से अधिक संपत्ति के मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप
पिछले करीब तीन साल से वासुदेव यादव कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। सितंबर-2017 में सीएम के निर्देश पर वासुदेव यादव की संपत्तियों की जांच शुरू हुई थी। उन पर शिक्षा निदेशक रहते हुए अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। निर्धारित अवधि के बीच हुई आय, खर्चों, खरीदी गई संपत्तियों व निवेशों के बारे में विजिलेंस ने गहनता से जांच पड़ताल की थी।
वासुदेव ने दर्ज नहीं कराया था अपना बयान
इसमें सामने आया कि वासुदेव यादव की आय करीब 89.42 लाख रुपये थी, जबकि विजिलेंस की विवेचना में आय से 293 फीसदी अधिक संपत्ति जुटाने का साक्ष्य मिला था। यह रिपोर्ट शासन को सौंपी जाने के बाद भी वासुदेव ने अपना बयान दर्ज नहीं कराया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद जनवरी-2021 में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) प्रयागराज के थाने में वासुदेव यादव के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी।
इसके बाद से ही वासुदेव कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। मामले में मंगलवार दोपहर विजिलेंस इंस्पेक्टर नन्हे राम सरोज और जय श्याम शुक्ला के नेतृत्व में जार्ज टाउन थाना क्षेत्र के अमरनाथ झा मार्ग स्थित उनके आवास पर स्थानीय पुलिस के साथ टीम पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने वासुदेव को वाराणसी एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
25 फरवरी को जारी किया था वारंट, 12 मार्च को है सुनवाई
विजिलेंस अफसरों के मुताबिक, कोर्ट की ओर से वासुदेव यादव के खिलाफ कई बार नोटिस और वारंट जारी किया जा चुका है। आखिरी बार 25 फरवरी 2025 को वासुदेव के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद से विजिलेंस की टीम ने वासुदेव की घेराबंदी शुरू की और 04 मार्च को उनके आवास से ही गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी कोर्ट में 12 मार्च 2025 को मामले में अगली सुनवाई होनी है।